Basant Panchami 2026 : बसंत पंचमी के अलावा ये 5 तारीखें हैं सबसे शुभ, मुहूर्त देखे बिना कर सकते हैं काम
punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 01:18 PM (IST)
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Basant Panchami 2026 : हिंदू धर्म में अबूझ मुहूर्त का विशेष महत्व है। अबूझ मुहूर्त उन तिथियों को कहा जाता है जो अपने आप में इतनी सिद्ध और पवित्र होती हैं कि उनमें कोई भी शुभ कार्य करने के लिए किसी ज्योतिषी से सलाह लेने या पंचांग में मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। साल 2026 में 23 जनवरी को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। यह दिन अबूझ मुहूर्त की श्रेणी में आता है, लेकिन बसंत पंचमी के अलावा भी साल में 5 ऐसी विशेष तिथियां हैं, जिन्हें स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है। आइए जानते हैं इन 5 तिथियों के बारे में और क्यों ये इतनी खास हैं।
क्या होता है अबूझ मुहूर्त ?
शास्त्रों के अनुसार, जब ग्रहों की स्थिति और तिथियों का संयोग अत्यंत शुभ होता है, तो वह पूरा दिन दोषरहित हो जाता है। ऐसे दिनों में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नई संपत्ति की खरीदारी या व्यापार की शुरुआत जैसे कार्य बिना हिचकिचाहट के किए जा सकते हैं।
अक्षय तृतीया
हिंदू कैलेंडर के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहते हैं। 2026 में यह 19 अप्रैल को पड़ेगी। अक्षय का अर्थ है जिसका कभी क्षय न हो। इस दिन किया गया दान और शुरू किया गया कार्य अनंत फल देता है। सोना खरीदना, गृह प्रवेश और नए व्यापार का श्रीगणेश करने के लिए यह साल का सबसे श्रेष्ठ दिन माना जाता है।
फुलेरा दूज
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज मनाई जाती है। 2026 में यह 19 फरवरी को है। इसे श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे सबसे बड़ा अबूझ मुहूर्त माना गया है। जिन लोगों के विवाह के लिए कोई शुभ तिथि नहीं मिल रही होती, वे इस दिन बिना सोचे-समझे विवाह के बंधन में बंध सकते हैं। 2026 में शादी-ब्याह के लिए यह दिन अत्यंत उत्तम रहेगा।
विजयादशमी
आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि यानी दशहरा, जो 2026 में 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा, एक शक्तिशाली अबूझ मुहूर्त है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत और 'विजय' का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन शुरू किया गया कोई भी मिशन या काम हमेशा सफल होता है। नए वाहन की खरीदारी, अस्त्र-शस्त्र की पूजा और करियर से जुड़ी नई शुरुआत के लिए यह दिन सर्वोत्तम है।
देवउठनी एकादशी
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं, 2026 में 20 नवंबर को पड़ रही है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा के बाद जागते हैं और इसी के साथ सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। इसे विवाह के लिए साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। यदि आप घर में कोई धार्मिक अनुष्ठान या तुलसी विवाह करना चाहते हैं, तो यह तिथि श्रेष्ठ है।
