निर्धारित जमीन पर ही राम मंदिर बने होने का पता लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
punjabkesari.in Sunday, Nov 01, 2026 - 09:10 AM (IST)
नई दिल्ली (एजैंसी): सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के अनुसार अयोध्या में राम मंदिर निर्धारित परिसर और जमीन पर बना है या नहीं, इसकी जांच के लिए एक समिति या आयोग गठित करने का अनुरोध करते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट की 5 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 9 नवम्बर, 2019 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अयोध्या में विवादित स्थल पर एक न्यास के माध्यम से राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ कर दिया था। पीठ ने केंद्र सरकार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में किसी प्रमुख स्थान पर नई मस्जिद के निर्माण के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन आबंटित करने का निर्देश दिया था।
शीर्ष अदालत ने सर्वसम्मति से दिए गए फैसले में कहा था कि विवादित 2.77 एकड़ जमीन, जहां कभी ध्वस्त बाबरी मस्जिद थी, केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त रिसीवर के पास रहेगी और मंदिर निर्माण के लिए इसे 3 महीने के भीतर एक न्यास को सौंप दिया जाएगा। शीर्ष अदालत में दायर याचिका में 2019 के फैसले में निर्धारित परिसर का स्वतंत्र सर्वेक्षण कराने या उसकी सीमाएं तय करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। इसमें फैसले और आदेश के दायरे में आने वाली जमीन की सटीक सीमाओं, क्षेत्रफल और स्थान की पहचान करने का भी अनुरोध किया गया है।
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