Ashadha Gupt Navratri 2026: 15 जुलाई से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आगाज़, जानें शुभ मुहूर्त और पूरा Calendar
punjabkesari.in Tuesday, Jul 07, 2026 - 11:00 AM (IST)
Ashadha Gupt Navratri 2026 Calendar: एक वर्ष में चार बार नवरात्रि का पर्व आता है, जिनमें दो बार सामान्य नवरात्रि जो कि चैत्र और अश्विन महीने में आते हैं। वर्ष में दो ही बार गुप्त नवरात्रि होती हैं जो कि माघ और आषाढ़ महीने में आते हैं। इन गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी मां के उपासक गुप्त रूप में ही माता की आराधना कर आर्शीवाद प्राप्त करते हैं।

गुप्त नवरात्र की अवधि को सिद्धि प्राप्ति का समय माना जाता है। यह प्रमुख रूप से साधुओं और तांत्रिकों का नवरात्र माना जाता है। साधक चातुर्मास में होने वाली आपदा-विपदा से रक्षा के लिए मां जगदम्बा से आग्रह करते हैं। देवी सती ने महादेव को अपने दस रूपों से अवगत कराया था। ये दस महाविद्याएं हैं मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्तिका, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगला मुखी, मातंगी और कमला देवी। मां दुर्गा त्रिगुण सम्पन्न हैं और इनकी तीन प्रकृति की पूजा की जाती है: महाकाली तमोगुण, महालक्ष्मी रजोगुण और महासरस्वती सतोगुण। जो शक्ति इन तीनों गुणों को एक साथ धारण करती है उन्हें ही तीनों लोक श्रद्धा पूर्वक पूजते हैं।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 2026
किसी भी नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के लिए घटस्थापना का शुभ समय इस प्रकार है:
घटस्थापना मुहूर्त: 15 जुलाई 2026, सुबह 05:33 से 10:09 बजे तक।
प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ: 14 जुलाई 2026 को दोपहर 03:12 बजे से।
प्रतिपदा तिथि का समापन: 15 जुलाई 2026 को सुबह 11:50 बजे तक।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 का पूरा कैलेंडर
इस साल की नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 22 जुलाई तक चलेगी। विशेष बात यह है कि 17 जुलाई को तीसरा और चौथा नवरात्र एक ही दिन पड़ रहा है।
15 जुलाई (बुधवार): घटस्थापना, मां शैलपुत्री पूजा।
16 जुलाई (गुरुवार): मां ब्रह्मचारिणी पूजा।
17 जुलाई (शुक्रवार): मां चन्द्रघण्टा और मां कूष्माण्डा की पूजा (एक ही दिन)।
18 जुलाई (शनिवार): मां स्कन्दमाता पूजा।
19 जुलाई (रविवार): मां कात्यायनी पूजा।
20 जुलाई (सोमवार): मां कालरात्रि पूजा।
21 जुलाई (मंगलवार): दुर्गा अष्टमी, मां महागौरी पूजा।
22 जुलाई (बुधवार): महानवमी, मां सिद्धिदात्री पूजा।
23 जुलाई (गुरुवार): नवरात्रि व्रत का पारण।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
