Kedarnath Dham Yatra 2026 : पुराने पैदल मार्ग पर बंदिश ! केदारनाथ यात्रा के नए नियम से क्या बदल जाएगा ?
punjabkesari.in Saturday, Feb 07, 2026 - 08:38 AM (IST)
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Kedarnath Dham Yatra 2026 : केदारनाथ धाम की यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए पुराने पैदल मार्ग का पुनर्निर्माण तो पूरा हो चुका है लेकिन जरूरी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण प्रशासन ने इस साल इसे यात्रा के लिए खोलने से इनकार कर दिया है।
2013 की केदारनाथ आपदा में रामबाड़ा से केदारनाथ के बीच का यह मार्ग पूरी तरह तबाह हो गया था। बाद में इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के तहत पुनर्निर्मित किया गया। रामबाड़ा से गरुड़चट्टी तक लगभग 5.35 किलोमीटर लंबा और 1.8 मीटर चौड़ा पैदल मार्ग तैयार हो गया है लेकिन इस पर अभी भी पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य केंद्र और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएँ स्थापित नहीं हुई हैं।
इस कारण प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मार्ग से इस वर्ष यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। 2013 की आपदा में मार्ग के पूरी तरह ध्वस्त होने के बाद यात्रियों को नई रास्ते से भेजा गया। इस नए मार्ग की लंबाई नौ किलोमीटर है, जो रामबाड़ा से होते हुए भीमबली, लिनचोली और रुद्र प्वाइंट के रास्ते से केदारनाथ धाम तक जाती है। इस मार्ग पर कई हिमखंड वाले क्षेत्र हैं, जहां मई तक बर्फ जमा रहती है, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 2017 में घोषणा की थी कि पुराने पैदल मार्ग को पुनर्जीवित किया जाएगा। पहले चरण में 2019-20 में केदारनाथ से गरुड़चट्टी तक लगभग 3.5 किलोमीटर का मार्ग तैयार किया गया। इसके लिए मंदाकिनी नदी पर 68 मीटर लंबा स्टील गार्डर पुल भी 2024 में बनकर तैयार हो चुका है।
दूसरे चरण में रामबाड़ा से गरुड़चट्टी तक 5.35 किलोमीटर लंबा मार्ग तैयार किया गया। निर्माण में देरी मुख्यतः केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय से स्वीकृति में विलंब के कारण हुई। इसके बाद 0.983 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की लोनिवि शाखा ने निर्माण कार्य शुरू किया।
