दिल्ली में खौफनाक घटना, डिलीवरी बॉयज ने हेलमेट से पीट-पीटकर की कारोबारी की हत्या, घर का इकलौता चिराग था शिवम
punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 08:19 PM (IST)
नेशनल डेस्कः राष्ट्रीय राजधानी का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में देर रात की सैर 36-वर्षीय एक व्यवसायी के लिए जानलेवा साबित हुई। एक कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहासुनी के बाद कथित तौर पर हेलमेट से व्यवसायी के सिर पर कई वार किये, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। इकलौते बेटे शिवम गुप्ता की मौत ने उसके परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर का निवासी शिवम दो जनवरी को अपने एक मित्र के साथ कनॉट प्लेस में एक पार्टी में शामिल होने गया था। बाद में राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास ई-ब्लॉक के नजदीक एक कंपनी के कुछ प्रतिनिधियों के साथ उसकी कहासुनी हो गई, जिसके दौरान लगभग तीन लोगों ने उसपर हमला कर दिया।
तीन जनवरी की रात करीब 1:30 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को जानकारी मिली कि सड़क पर एक घायल व्यक्ति बेहोश पड़ा है और और उसके शरीर से खून बह रहा है। शिवम को तुरंत निकटवर्ती लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसके शरीर में कई जगह खून के थक्के पाए और कहा कि वह बयान देने की हालत में नहीं है। शिवम के पिता अनिल कांत गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनका बेटा दो जनवरी की शाम को एक पार्टी में शामिल होने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
शोक संतप्त पिता ने कहा, "मैं उसे लगातार फोन करता रहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कुछ समय बाद मुझे पुलिस ने बताया कि मेरे बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।'' उन्होंने बताया कि उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। पिता ने कहा, ''जब हम अस्पताल पहुंचे तो उसकी हालत चिंताजनक थी। वह खून की उल्टी कर रहा था और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। हमने चिकित्सकों से बेहतर इलाज के लिए उसे दूसरे अस्पताल में भेजने का अनुरोध किया।" बाद में चिकित्सकों के दल ने उसे तत्काल विशेष देखभाल के लिए स्थानांतरित करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि शिवम को चार जनवरी को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया और पांच जनवरी को उसकी सर्जरी हुई।
उसके पिता ने कहा, ''चिकित्सकों ने हमें स्पष्ट रूप से बताया कि चोटें जानलेवा हैं और तत्काल ऑपरेशन करना आवश्यक है। ऑपरेशन के बाद हमें बताया गया कि ठीक होने के लिए अगले 36 से 72 घंटे महत्वपूर्ण होंगे।'' उन्होंने कहा, ''कुछ समय के लिए उसमें सुधार के लक्षण दिखाई दिए। चिकित्सकों के बुलाने पर वह प्रतिक्रिया दे रहा था। हमें उम्मीद थी, लेकिन 19 जनवरी को वह हमें छोड़कर चला गया।''
पहाड़गंज इलाके में दो दुकानों के मालिक 61-वर्षीय गुप्ता ने कहा कि शिवम उनका इकलौता बेटा था और परिवार का एकमात्र सहारा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या) और धारा 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कहा कि जांच आगे बढ़ने पर अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। सूत्रों ने बताया कि दो लोगों को पकड़ा गया है और इस मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
