New Labour Codes: 45 दिन का इंतजार खत्म… नौकरी छोड़ते ही 2 दिन में मिलेगा पूरा पैसा! नया नियम बदलेगा गेम

punjabkesari.in Friday, Apr 03, 2026 - 09:32 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः नौकरी बदलना या किसी कारण से काम छोड़ना हर नौकरीपेशा इंसान के करियर का सामान्य हिस्सा है। लेकिन अब तक अपनी ही कमाई का पैसा पाने के लिए कर्मचारियों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट के लिए 40 से 45 दिन, और कई बार 90 दिन तक का समय लग जाता था, जिससे आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव झेलना पड़ता था। अब यह पुरानी व्यवस्था बदलने जा रही है। सरकार के नए लेबर कानून के तहत कर्मचारियों को उनका पूरा बकाया पैसा नौकरी छोड़ने के सिर्फ दो वर्किंग डेज (कार्य दिवस) के भीतर मिल जाएगा।

45 दिन का झंझट खत्म, अब सिर्फ 2 दिन में पूरा हिसाब
पहले इस्तीफा देने या नौकरी से निकाले जाने के बाद कागजी प्रक्रिया के नाम पर महीनों तक भुगतान अटका रहता था। कर्मचारी नई नौकरी के दबाव और पुरानी कंपनी के चक्कर के बीच फंस जाता था।

लेकिन अब 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए नियम के तहत किसी भी परिस्थिति में कंपनी को कर्मचारी का पूरा भुगतान सिर्फ दो दिन के भीतर करना अनिवार्य होगा। इससे कर्मचारियों को अपनी ही मेहनत की कमाई के लिए कंपनियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

क्या है नया लेबर कानून?
यह बड़ा बदलाव Code on Wages, 2019 के तहत लाया गया है।

इस कानून के अनुसार इस्तीफा देने पर, नौकरी से निकाले जाने पर और कंपनी बंद होने की स्थिति में, हर हाल में कर्मचारी का पूरा बकाया 2 कार्य दिवसों में देना जरूरी होगा। अब कंपनियां फाइलों के नाम पर भुगतान को हफ्तों तक नहीं टाल सकेंगी। यह नियम कर्मचारियों के अधिकारों को और मजबूत बनाता है।

FnF में क्या-क्या शामिल होगा?
फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट सिर्फ आखिरी महीने की सैलरी नहीं होता, इसमें कई अहम चीजें शामिल होती हैं:

  • अंतिम वेतन: आखिरी वर्किंग डे तक की पूरी सैलरी
  • लीव एन्कैशमेंट: बची हुई छुट्टियों का पैसा
  • बोनस और इंसेंटिव: प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाला बकाया बोनस
  • ग्रेच्युटी: कुछ मामलों में अब 1 साल की सेवा के बाद भी लागू, भुगतान 30 दिन में जरूरी
  • रिइम्बर्समेंट: ऑफिस के काम में खर्च किए गए पैसे की वापसी
  • जरूरी कटौतियां: टैक्स, एडवांस सैलरी, लोन या कंपनी की संपत्ति वापस न करने पर कटौती

कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत
यह नया नियम नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आ रहा है। इससे न सिर्फ आर्थिक दबाव कम होगा, बल्कि कंपनियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। अब नौकरी छोड़ते समय सबसे बड़ा सवाल“पैसा कब मिलेगा?”लगभग खत्म होने वाला है।


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Content Writer

Pardeep

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