दुनिया को लग सकता है तेल का झटका! ईरान बोला- $200 प्रति बैरल के लिए तैयार रहें

punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 02:59 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने वैश्विक तेल बाजार को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात जारी रहे तो दुनिया को 200 डॉलर प्रति बैरल तक तेल की कीमतों के लिए तैयार रहना पड़ सकता है। इस बयान से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में चिंता और बढ़ गई है।

हालांकि बढ़ती कीमतों को काबू में रखने के लिए International Energy Agency (IEA) ने बड़ा कदम सुझाया है। 32 देशों के इस संगठन ने अपने रणनीतिक भंडार से करीब 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने की योजना बनाई है। इसके तहत United States भी अपने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से लगभग 172 मिलियन बैरल तेल बाजार में उतार सकता है, ताकि सप्लाई बढ़ाकर कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।

ईरान की कड़ी चेतावनी

ईरान के सैन्य कमान के प्रवक्ता Ebrahim Zolfaqari ने कहा कि तेल की कीमतें क्षेत्रीय सुरक्षा पर निर्भर करती हैं और मौजूदा हालात बेहद अस्थिर हैं। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तनाव कम नहीं हुआ तो तेल बाजार को बड़ा झटका लग सकता है।

खाड़ी में जहाजों पर हमले

समाचार एजेंसी Reuters के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को United States और Israel के संयुक्त हवाई हमलों के बाद संघर्ष और तेज हो गया। इस युद्ध में अब तक करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर Iran और Lebanon के नागरिक बताए जा रहे हैं।

तनाव का असर समुद्री व्यापार पर भी पड़ा है। खाड़ी क्षेत्र में तीन जहाजों पर हमले की खबर सामने आई है। ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps ने दावा किया है कि जिन जहाजों ने उसके निर्देशों का पालन नहीं किया, उन पर कार्रवाई की गई।

ईरान ने यह भी कहा है कि जब तक अमेरिका और इजरायल के हमले बंद नहीं होते, तब तक खाड़ी क्षेत्र से तेल की शिपमेंट प्रभावित हो सकती है। साथ ही उसने रणनीतिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz पर नियंत्रण का दावा किया है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल गुजरता है।

तेल की कीमतों में फिर तेजी

मौजूदा संकट का असर तेल की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। इस सप्ताह की शुरुआत में कच्चे तेल का भाव 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। बाद में इसमें गिरावट आई और यह करीब 90 डॉलर तक आ गया, लेकिन अब फिर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

इस बीच G7 देशों—United States, Canada, Japan, Italy, United Kingdom, Germany और France—ने खाड़ी क्षेत्र में चलने वाले तेल जहाजों को सैन्य सुरक्षा (एस्कॉर्ट) देने के विकल्प पर विचार शुरू कर दिया है, ताकि वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित रखा जा सके।


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Content Writer

jyoti choudhary

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