200 डॉलर तक पहुंचेगा कच्चा तेल? मिडिल ईस्ट टेंशन से बाजार में हड़कंप… क्या आने वाला है बड़ा झटका
punjabkesari.in Friday, Mar 27, 2026 - 10:26 PM (IST)
बिजेनस डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला कर रख दिया है और अब कच्चे तेल की कीमतों को लेकर गंभीर चेतावनियां सामने आ रही हैं। फिलहाल ब्रेंट क्रूड हाल के उच्च स्तर 119.50 डॉलर से गिरकर करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, लेकिन इतिहास बताता है कि हालात बिगड़ने पर कीमतें तेजी से उछल सकती हैं।
Macquarie Group के विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा हालात को अभी कम आंका जा रहा है। अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो कच्चा तेल 150 डॉलर ही नहीं बल्कि 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।
150 नहीं, 200 डॉलर तक पहुंचने की चेतावनी
Bloomberg की 27 मार्च की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा। इससे मांग के मुकाबले तेल की उपलब्धता काफी कम हो सकती है और कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आगे की स्थिति तीन मुख्य बातों पर निर्भर करेगी—
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य कितने समय तक बंद रहता है
- ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को कितना नुकसान होता है
- सप्लाई चेन कितनी जल्दी सामान्य होती है
हॉर्मुज बंद होने का असर क्या होगा?
फिलहाल कीमतें 107 डॉलर के आसपास हैं, लेकिन 2008 में तेल 146 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है। ऐसे में अगर हालात बिगड़े, तो नया रिकॉर्ड बनना संभव है। दरअसल, दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरती है। ऐसे में इस मार्ग में रुकावट का सीधा असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
इस बीच ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच टकराव को करीब चार हफ्ते हो चुके हैं और तनाव लगातार बढ़ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही कुछ समय के लिए हमले टालने की बात कही हो, लेकिन जंग खत्म होने के साफ संकेत अभी नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में अगर यह संघर्ष लंबा चलता है, तो दुनिया को सिर्फ महंगे तेल ही नहीं बल्कि एक बड़े आर्थिक झटके का भी सामना करना पड़ सकता है।
