UPI News: 61 करोड़ से ज्यादा लोगों ने अपनाया नया UPI फीचर, PIN की जगह फिंगरप्रिंट और फेस का हुआ इस्तेमाल

punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 10:51 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः जून में फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन जैसे बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिये करीब 61.1 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल वैल्यू 25,416 करोड़ रुपए थी। यह महीनेभर में हुए कुल यूपीआई का 2.7 फीसदी है। बायोमेट्रिक फीचर पिछले साल शुरू किया गया था।

नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की कार्यकारी निदेशक सोहिनी राजोला ने कहा कि बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन के बढ़ते इस्तेमाल से साफ है कि यूजर्स तेज, आसान और सुरक्षित डिजिटल पेमेंट अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बैंक और यूपीआई ऐप पहले से ही अपने ग्राहकों को बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन की सुविधा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे ज्यादा यूजर्स पेमेंट के इस सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके को अपनाएंगे, इसका इस्तेमाल और बढ़ेगा।

NPCI के अनुसार, बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन से UPI PIN पर निर्भरता कम होती है, ट्रांजैक्शन तेजी से पूरे होते हैं और सफलता की दर भी बेहतर रहती है। यह सुविधा पियर-टू-पियर (P2P) और पियर-टू-मर्चेंट (P2M) दोनों तरह के भुगतान में उपयोगी साबित हो रही है।

फोनपे और एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड (एनबीएसएल) के भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) ऐप, क्रेड और बैंकिंग ऐप्स जैसे कई प्लेटफॉर्म ने यूजर्स के लिए ऑथेंटिकेशन का बायोमैट्रिक तरीका शुरू किया है। आरबीआई का नियम है कि सभी डिजिटल पेमेंट कम से कम दो अलग-अलग ऑथेंटिकेशन फ़ैक्टर से ऑथेंटिकेट होने चाहिए। यूपीआई के मामले में ऑथेंटिकेशन के लिए कम से कम एक फ़ैक्टर को डायनामिक रूप से बनाना या साबित करना अनिवार्य है। 
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

jyoti choudhary

Related News