तेल बाजार में हलचल, अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले लुढ़के Crude Oil के दाम
punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 11:15 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और साथ ही शांति की कोशिशों का असर ग्लोबल ऑयल मार्केट पर साफ नजर आ रहा है। शनिवार को दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच अहम बातचीत से पहले कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। बाजार को उम्मीद है कि अगर हालात सुधरते हैं, तो सप्लाई सामान्य होने से कीमतों में और राहत मिल सकती है।
क्रूड ऑयल में ताजा गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में WTI Crude करीब 2 डॉलर से ज्यादा टूटकर 95.63 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं Brent Crude भी गिरकर 95.20 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है।
इससे पहले, जब डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया था, तब तेल की कीमतों में करीब 16% की गिरावट देखी गई थी, जो साल 2020 के बाद यानी 6 सालों का सबसे निचला स्तर था।
सख्त बयानबाजी के बीच शांति की उम्मीद
बातचीत से पहले अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका और ज्यादा ताकतवर कार्रवाई करेगा। उन्होंने इसे ईरान के लिए “गोल्डन चांस” बताया। हालांकि, इस जुबानी जंग के बावजूद बाजार को उम्मीद है कि बातचीत से तनाव कम हो सकता है।
Strait of Hormuz पर टिकी नजर
ग्लोबल तेल सप्लाई का करीब 20% हिस्सा इसी अहम जलमार्ग से गुजरता है। अगर यह रास्ता पूरी तरह खुल जाता है, तो सप्लाई बेहतर होगी और कीमतों में स्थिरता आ सकती है लेकिन अगर बातचीत नाकाम रही और यह मार्ग बाधित रहा, तो कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं।
भारत पर सीधा असर
भारत अपनी करीब 85% तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में ग्लोबल मार्केट में हर उतार-चढ़ाव का असर देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और आम लोगों की जेब पर पड़ता है।
