Oil Crisis: तेल संकट गहराया, भारत में कीमतें 4 साल के हाई पर, OPEC+ बैठक पर टिकी नजर

punjabkesari.in Friday, Apr 03, 2026 - 10:55 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है, जिसका सीधा असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है। भारतीय ऑयल बास्केट की औसत कीमत मार्च 2026 में 113.49 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जो पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर है। इससे पहले Russia-Ukraine War के दौरान मार्च 2023 में यह 112.87 डॉलर तक गई थी। संडे को OPEC+ देशों की बैठक होगी। इसमें ऑयल प्रोडक्शन बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।

1 अप्रैल को भारतीय रिफाइनरियों के लिए कच्चे तेल की कीमत 120.84 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई, जबकि Brent Crude करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 से 120 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में बनी हुई हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।

तेल महंगा क्यों हो रहा है?

इस तेजी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। Strait of Hormuz में बाधा आने से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है, क्योंकि दुनिया के करीब 20% तेल का ट्रांजिट इसी रास्ते से होता है। इसके अलावा सऊदी अरब, इराक, कुवैत और यूएई जैसे बड़े उत्पादकों द्वारा उत्पादन में कटौती और रूस में ड्रोन हमलों से सप्लाई और कमजोर हुई है।

अब नजर OPEC+ बैठक पर

तेल निर्यातक देशों का समूह OPEC+ इस रविवार को अहम बैठक करने जा रहा है। इसमें मई के लिए उत्पादन कोटा तय किया जाएगा। माना जा रहा है कि उत्पादन बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है, जिससे कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। पिछली बैठक में 2.06 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन बढ़ाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इस बार बड़ा कदम उठाया जा सकता है।

इराक पर सबसे ज्यादा असर

इस संकट का सबसे गंभीर असर इराक पर पड़ा है। देश को फरवरी के मुकाबले तेल राजस्व में 70% से ज्यादा की गिरावट झेलनी पड़ी है। चूंकि उसके बजट का लगभग 90% हिस्सा तेल निर्यात से आता है, इसलिए अब वह सीरिया के रास्ते टैंकर ट्रकों से तेल निर्यात करने को मजबूर है।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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