ऑयल मार्केट में हड़कंप, कीमतों में जबरदस्त उछाल, Citigroup का अनुमान- $130 तक जा सकता है ब्रेंट
punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 11:59 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल ला दिया है। Iran और Israel के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई का असर सीधे ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड $100 के पार निकल चुका है और बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने Ras Laffan Industrial City (कतर) पर मिसाइल हमला किया, जहां बड़े पैमाने पर एलएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। वहीं, इजराइल ने ईरान के South Pars Gas Field को निशाना बनाया, जो दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड्स में से एक है और रोजाना करीब 730 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस उत्पादन करता है।
इन हमलों के बाद Qatar ने अपने एनर्जी सेक्टर को हुए भारी नुकसान की पुष्टि की है। इससे Strait of Hormuz में सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है। इसी कारण तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है।
कीमतों पर क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट
एनालिस्ट्स का मानना है कि भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य जल्द खुल जाए लेकिन सप्लाई सामान्य होने में समय लग सकता है। Citigroup की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की दूसरी तिमाही में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। हालांकि, 19 मार्च की सुबह करीब 8:07 बजे ब्रेंट क्रूड लगभग 111 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।
वहीं, कमोडिटी एक्सपर्ट Jeff Currie के मुताबिक, फ्यूचर्स मार्केट मौजूदा स्थिति को पूरी तरह नहीं दिखा रहा है। एशिया में फिजिकल ऑयल की कीमत 130 से 170 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच चुकी है, जबकि जेट फ्यूल जैसे रिफाइंड प्रोडक्ट्स 220 डॉलर के पार निकल गए हैं।
फेड का रुख और बाजार पर असर
इस बीच Federal Reserve ने ब्याज दरों को 3.5% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखा है। फेड चेयरमैन Jerome Powell ने साफ कहा कि महंगाई उम्मीद के मुताबिक कम नहीं हो रही है और ईरान से जुड़ा तनाव इसे और बढ़ा सकता है।
फरवरी के PPI आंकड़े भी अनुमान से ज्यादा रहे, जिससे महंगाई का दबाव बरकरार है। ऐसे में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम होती दिख रही है।
ग्लोबल बाजारों पर असर
तेल की बढ़ती कीमतों और अनिश्चितता के कारण अमेरिकी बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। Dow Jones Industrial Average करीब 800 अंक टूट गया, जबकि S&P 500 और Nasdaq Composite में लगभग 1.5% तक की गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो इससे महंगाई बढ़ेगी और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ेगी। इसका असर आने वाले दिनों में ग्लोबल और भारतीय शेयर बाजारों पर भी जारी रह सकता है।
