5 Big Reasons Market Rising: इन 5 कारणों से रॉकेट बना शेयर बाजार, सेंसेक्स 2072 अंक उछला
punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 03:33 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के ऐलान के बाद मंगलवार, 3 फरवरी को भारतीय शेयर बाजारों में पिछले 5 सालों की सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 2,500 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी एक बार फिर 25,850 के स्तर के पार पहुंच गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ घटाने की घोषणा से निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बाजार खुलते ही चौतरफा खरीदारी शुरू हो गई। सभी 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते दिखे। बैंकिंग, मेटल, इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपिटल गुड्स और फाइनेंशियल शेयरों में खास तौर पर मजबूत खरीदारी रही। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 3.5 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 2072.67 अंक या 2.54 फीसदी की तेजी के साथ 83,739.13 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 639.15 अंक या 2.55 फीसदी उछलकर 25,727.55 के स्तर पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में तेजी के 5 बड़े कारण
1. भारत-अमेरिका ऐतिहासिक ट्रेड डील
बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण भारत–अमेरिका के बीच हुआ व्यापार समझौता रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद घोषणा की कि भारतीय सामानों पर लगने वाला टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। इससे टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। टेक्सटाइल सेक्टर की कम से कम 6 कंपनियों के शेयरों में 20 फीसदी का अपर सर्किट लगा।
2. प्रतिद्वंदी देशों के मुकाबले भारत को बढ़त
ट्रेड डील के बाद भारत को एक्सपोर्ट के मोर्चे पर प्रतिद्वंदी देशों पर बढ़त मिलती दिख रही है। भारत पर 18 फीसदी टैरिफ लागू होगा, जबकि बांग्लादेश, श्रीलंका, ताइवान और वियतनाम पर 20 फीसदी और पाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड व फिलीपींस पर 19 फीसदी टैरिफ रहेगा। इससे अमेरिकी बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
3. रुपए और बॉन्ड मार्केट से सपोर्ट
ट्रेड डील के ऐलान के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 1 फीसदी से ज्यादा मजबूत होकर 90.40 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं 10 साल की बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड यील्ड 5 बेसिस प्वाइंट गिरकर 6.72 फीसदी पर आ गई, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।
4. मजबूत वैश्विक संकेत
एशियाई बाजारों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। साउथ कोरिया का कोस्पी 5 फीसदी उछला, जबकि जापान का निक्केई 225, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे। अमेरिकी बाजारों में सोमवार को आई तेजी ने भी भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया।
5. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.51 फीसदी गिरकर 65.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कच्चे तेल के सस्ते होने से महंगाई पर दबाव कम होने और ट्रेड बैलेंस में सुधार की उम्मीद बनी, जिसे शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
