जेट एयरवेज बंद होने से थमी 22 हजार कर्मचारियों की जिंदगी, छलका दर्द

4/19/2019 11:28:17 AM

बिजनेस डेस्कः चार महीने तक संकट से जूझने के बाद जेट एयरवेज की उड़ानें बुधवार से पूरी तरह बंद हो गईं। जेट के बंद होने से करीब 22 हजार लोगों की नौकरियां प्रभावित हुई हैं। स्किल्ड से लेकर सेमी-स्किल्ड तक, आज जेट के तमाम कर्मचारी परेशान हैं। कर्मचारियों के सामने अब आजीविका की समस्या खड़ी हो गई है। जेट एयरवेज के बंद होने से प्रभावित कर्मी दिल्ली में जंतर मंतर पर जुटे, जहां उन्होंने 'जेट को बचाओ, हमारे परिवार को बचाओ' के नारे लगाए। 

PunjabKesari

इतना बुरा है जेट के कर्मचारियों का हाल
जेट के कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से ही वेतन नहीं मिल रहा था। जेट के 22 हजार कर्मचारियों की नींद उड़ गई है और सरकार से अपील कर रहे हैं कि उनके लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएं। जेट के 53 वर्षीय कर्मचारी ने बताया कि उन्हें पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला था और अब अपने दो बच्चों के पालन के लिए और अपने परिवार के लिए उन्हें अपना घर तक बेचना पड़ सकता है।

PunjabKesari

एक अन्य कर्मचारी पूजारी ने कहा कि, 'नौकरी छूटने की वजह से मैं पूरी रात नहीं सो पाई। मेरे हाथ बंधे हैं। मैं अपनी परेशानी अपने बच्चों को भी नहीं बता पा रही हूं।' वहीं जेट के एक इंजीनियर ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों की ट्यूशन भी बंद कर दी है। अब वो घर पर ही अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। कई कर्मचारियों के पास होम लोन या अपने बच्चों के स्कूल की फीस देने के लिए भी पैसे नहीं हैं। 

PunjabKesari

रो पड़ीं जेट एयरवेज की होस्टेस हरप्रीत
जेट में असिस्टेंट बेस मैनेजर हरप्रीत कौर पिछले 22 साल से यहां जॉब कर रही हैं। 20 साल तक वे एयर होस्टेस थीं। पिछले दो साल से ऑपरेशंस देख रही हैं। वह कहती हैं, इतने साल तक यहां नौकरी की। मार्केट में जैसे हालात हैं, उनमें दूसरी नौकरी मिलना आसान नहीं, ... कहते-कहते जोर-जोर से रोने लगती हैं। बूढ़े मां-बाप को भी देखना है, बेटे ने दसवीं के एग्जाम दिए हैं। अभी फीस देनी है। ये सब कहां से होगा। कितने दिन तक बिना सैलरी और नौकरी के चलेगा, कुछ समझ में नहीं आ रहा। 

PunjabKesari

'पल भर में सबकुछ बिखर सा गया' 
रेनू राजौरा पिछले पांच साल से जेट में एयर होस्टेस हैं। उनका कहना है कि एक महीने से सैलरी नहीं मिली। घर का रेंट देना है। भाई कॉलेज में पढ़ता है, उसकी फीस का इंतजाम भी उन्हें ही करना पड़ता है। बुजुर्ग मां-बाप हरियाणा में रहते हैं, उनका भी खर्च चलाना है। दिल्ली में किराए पर रहती हैं। खाने-पीने से लेकर बिजली-पानी तक के तमाम खर्चे हैं। अगर अब नौकरी ही नहीं रहेगी तो घर लौटना पड़ेगा। करियर बनाने के लिए कितनी कड़ी मेहनत की थी लेकिन पल भर में सबकुछ बिखर सा गया है। 

PunjabKesari

'मैं पूरी लाइफ जेट को दे दी, अब क्या करूं' 
विकास टंडन पिछले 20 साल से जेट एयरवेज के साथ हैं। असिस्टेंट मैनेजर एयरपोर्ट सर्विसेज विकास टंडन बड़े ही दुखी मन से कहते हैं कि उन्होंने पूरी लाइफ जेट को दे दी। इस एयरलाइंस के साथ उनकी संवेदनाएं जुड़ी हुई हैं। सबसे बड़ी चिंता तो यह है कि जब इतनी बड़ी एयरलाइंस का यह हाल हो सकता है तो बाकी का क्या होगा। ढाई महीने से सैलरी नहीं मिली है, परिवार के खर्च चलाने की चिंता सता रही है। सब कैसे होगा? 
 


jyoti choudhary

Related News