HDFC Bank में अचानक इस्तीफा, शेयर में बड़ी गिरावट, चेयरमैन के इस्तीफे के पीछे क्या राज?
punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 10:54 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयरों में गुरुवार (19 मार्च) को तेज गिरावट देखने को मिली। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) के अचानक इस्तीफे के बाद शेयर इंट्राडे में करीब 9% तक लुढ़क गया। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी आई और सुबह 9:25 बजे तक शेयर लगभग 5.4% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। इससे पहले बुधवार को भी शेयर हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ था।
इस्तीफे से बढ़ी चिंता
अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान बैंक के भीतर हुए कुछ घटनाक्रम और कार्यशैली उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिक मानकों से मेल नहीं खाते। इसी कारण उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया। हालांकि उन्होंने अपने पत्र में बोर्ड के अन्य इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स और विभिन्न टीमों के काम की सराहना भी की लेकिन साथ ही संगठन में बदलाव की जरूरत के संकेत दिए।
चक्रवर्ती मई 2021 में बैंक के बोर्ड से जुड़े थे। वे पहले वित्त मंत्रालय में सचिव रह चुके हैं और World Bank के बोर्ड में अल्टरनेट गवर्नर के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। इसके अलावा, वे National Infrastructure Investment Fund (NIIF) के चेयरमैन भी रह चुके हैं।
केकी मिस्त्री को अंतरिम जिम्मेदारी
चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद बैंक ने Keki Mistry को अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को Reserve Bank of India (RBI) की मंजूरी मिल चुकी है।
मैनेजमेंट में और बदलाव के संकेत
बैंक के शीर्ष प्रबंधन में भी बदलाव की आहट है। एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर भावेश जावेरी का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है और उन्होंने दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, RBI ने उनके बोर्ड में बने रहने को लेकर असहजता जताई थी। जावेरी, Orionpro Solutions के प्रमोटर समूह से जुड़े हैं, जो बैंक का टेक्नोलॉजी वेंडर भी है।
विदेशी बाजार में भी असर
इन घटनाओं का असर वैश्विक बाजार में भी देखने को मिला। अमेरिका में सूचीबद्ध HDFC बैंक के ADRs में 7% से अधिक की गिरावट आई, हालांकि बाद में कुछ सुधार दर्ज किया गया।
ब्रोकरेज की राय
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म JPMorgan Chase ने शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,090 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि चेयरमैन का इस्तीफा निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकता है और निकट अवधि में शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
जेपी मॉर्गन ने यह भी संकेत दिया कि यह घटनाक्रम बोर्ड और मैनेजमेंट के बीच संभावित मतभेद की ओर इशारा करता है, जिसका असर भविष्य के फैसलों और उनके क्रियान्वयन पर पड़ सकता है।
