Why Gold-Silver Down: सोने-चांदी की कीमतों में क्यों आई गिरावट? ये रही वजह

punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 12:57 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः सोमवार (16 मार्च) को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और इस हफ्ते होने वाली प्रमुख केंद्रीय बैंकों की बैठकों से पहले निवेशकों के सतर्क रुख के कारण बुलियन बाजार पर दबाव देखा गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 56.70 डॉलर (करीब 1.12%) गिरकर 5,005 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं सिल्वर फ्यूचर्स 1.738 डॉलर (करीब 2.14%) गिरकर 79.605 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

बाजार में बढ़ी सावधानी

निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव वैश्विक बाजारों और ऊर्जा कीमतों को प्रभावित कर रहा है। खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे वैश्विक महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। ऊंचे तेल दाम महंगाई के दबाव को बढ़ा सकते हैं, जिस पर नीति निर्माता नजर बनाए हुए हैं।

केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर नजर

इस हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड अपनी मौद्रिक नीति के फैसले घोषित करेंगे। बाजार को उम्मीद है कि फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया जाएगा लेकिन निवेशकों की नजर आगे की नीति संकेतों पर रहेगी।

विशेषज्ञों की राय

JM फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक निवेशक पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए हैं। उनका कहना है कि मजबूत डॉलर और ऊंचे कच्चे तेल के दामों के कारण यह संभावना बढ़ गई है कि वैश्विक केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकते हैं, जिससे बुलियन की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

सुरक्षित निवेश की मांग से सहारा

हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना-चांदी को सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में कुछ समर्थन मिल सकता है।

चांदी पर भी दबाव

चांदी की कीमतों पर भी दबाव बना हुआ है। औद्योगिक धातुओं में उतार-चढ़ाव और डॉलर की मजबूती इसके प्रमुख कारण हैं। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य देशों के निवेशकों के लिए कीमती धातुएं महंगी हो जाती हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी नजर

बाजार की नजर होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी बनी हुई है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है। खबरें हैं कि कई देश मिलकर यहां से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए गठबंधन बना सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बुलियन बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम, तेल की कीमतों और केंद्रीय बैंकों की नीति संकेतों के कारण उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।


 


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Content Writer

jyoti choudhary

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