रूसी तेल खरीद मामले में नया मोड, 25% टैरिफ पर बदल सकता है अमेरिका का फैसला
punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 03:38 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाए गए 25 फीसदी अमेरिकी टैरिफ को लेकर अब नरमी के संकेत मिलने लगे हैं। अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी तेल की खरीद में कटौती की है, जिससे यह साफ होता है कि अमेरिका का यह कदम अपने उद्देश्य में सफल रहा है। उनके इस बयान से संकेत मिलते हैं कि भविष्य में इन टैरिफ को हटाने या कम करने का रास्ता निकल सकता है।
‘टैरिफ का मकसद पूरा हुआ’
स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का मकसद रूसी तेल की खरीद को कम करना था। उन्होंने कहा, “हमने भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर 25% टैरिफ लगाया था। इसके बाद भारतीय रिफाइनरियों की रूसी तेल की खरीद लगभग ठप हो गई है। इससे साबित होता है कि यह कदम सफल रहा है।”
अभी लागू हैं टैरिफ लेकिन भविष्य में बदलाव संभव
बेसेंट ने यह भी साफ किया कि फिलहाल 25 फीसदी टैरिफ लागू हैं। हालांकि उनके बयान से यह संकेत जरूर मिलता है कि अगर मौजूदा स्थिति बनी रहती है, तो आने वाले समय में इन टैरिफ को हटाने या कम करने पर विचार किया जा सकता है। इसे भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों के लिहाज से एक अहम संकेत माना जा रहा है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस भारत का बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा था लेकिन अमेरिकी दबाव और टैरिफ के चलते भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी तेल की खरीद में कटौती की है।
टैरिफ हटे तो भारत को क्या फायदा होगा?
अगर अमेरिका 25 फीसदी टैरिफ हटाता है, तो भारत को कई तरह के फायदे हो सकते हैं—
- रूस से कच्चा तेल सस्ते दामों पर खरीदना फिर आसान होगा
- पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव कम रहेगा और महंगाई काबू में रखने में मदद मिलेगी
- भारत की एनर्जी सिक्योरिटी और मजबूत होगी
- अमेरिका-भारत व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों में नरमी आ सकती है
