RBI MPC Meeting: आरबीआई ने किया रेपो रेट का ऐलान, 5.25% पर बरकरार रखी दरें

punjabkesari.in Wednesday, Aug 05, 2026 - 10:17 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गवर्नर संजय मल्होत्रा ने छह सदस्यीय मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) में लिए गए फैसलों की घोषणा की। तीन दिन तक चली बैठक 3 अगस्त से शुरू हुई थी। आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा है। इससे पहले भी केंद्रीय बैंक ने अपनी पिछली एमपीसी मीटिंग में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था।

जून की मौद्रिक नीति में आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखा था। साथ ही, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और उसके घरेलू ईंधन लागत पर असर का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान बढ़ाया था। वहीं, FY27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान घटाया था. आज के सभी बड़े अपडेट्स यहां पढ़ें।

अन्य प्रमुख दरों में भी नहीं हुआ बदलाव

स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट: 5.00%
मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट: 5.50%
बैंक रेट: 5.50%
यानी केंद्रीय बैंक ने सभी प्रमुख नीतिगत दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है।

महंगाई पर क्या बोले RBI गवर्नर?

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई अनुमान के अनुरूप RBI के लक्ष्य से ऊपर पहुंची है। उन्होंने कहा कि महंगाई में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह खाद्य पदार्थों और ईंधन की ऊंची कीमतें हैं। वहीं, कोर इंफ्लेशन अभी भी नियंत्रण में है और इसमें ज्यादा दबाव नहीं दिख रहा है।

गवर्नर ने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंच सकती है। इसके बाद इसमें धीरे-धीरे नरमी आने की उम्मीद है। अर्थशास्त्रियों का भी अनुमान था कि केंद्रीय बैंक फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। ऐसे में होम लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की EMI में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब जून 2026 में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) बढ़कर 4.38 फीसदी पर पहुंच गई थी, जो मई में 3.93 फीसदी थी। पिछले 17 महीनों में पहली बार महंगाई RBI के 4 फीसदी के लक्ष्य से ऊपर गई है।

 


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Content Writer

jyoti choudhary

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