निवेशकों के OFS से पीछे हटने से घट सकता है NSE के IPO का आकार

punjabkesari.in Wednesday, Sep 09, 2026 - 02:45 PM (IST)

नई दिल्लीः नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का आकार घटकर 25,000-27,000 करोड़ रुपए रह सकता है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बुधवार को बताया कि कुछ शेयरधारकों के बिक्री से पीछे हटने के कारण पहले प्रस्तावित छह प्रतिशत के मुकाबले बिक्री पेशकश (ओएफएस) का आकार घटकर 5.2-5.5 प्रतिशत रह सकता है। 

ओएफएस का आकार घटने से कुल निर्गम का आकार पहले अनुमानित 30,000 करोड़ रुपए के मुकाबले घटकर 25,000-27,000 करोड़ रुपये रह सकता है। इस आकार के साथ एनएसई भारत के अबतक के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम का रिकॉर्ड बनाने से पीछे रह सकता है। फिलहाल हुंदै मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ अबतक का सबसे बड़ा निर्गम है। बताया जाता है कि ओएफएस का आकार घटने की वजह कुछ शेयरधारकों का आईपीओ के दौरान अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचने का फैसला माना जा रहा है। उनका मानना है कि बाद में हिस्सेदारी बेचने पर उन्हें बेहतर मूल्यांकन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि एनएसई आईपीओ को खुदरा निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाने की भी कोशिश कर रहा है। इसके तहत कीमत इस तरह तय की जा रही है कि ओएफएस में छोटे निवेशकों की अधिक भागीदारी हो और उन्हें लाभ मिल सके। 

आईपीओ का मूल्य दायरा पहले के 2,000 रुपए प्रति शेयर के अनुमान के मुकाबले 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर रहने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, एनएसई का आईपीओ 18 सितंबर को सार्वजनिक अभिदान के लिए खुलने और 22 सितंबर को बंद होने की संभावना है। इसका शेयर 25 सितंबर को बाजार में सूचीबद्ध हो सकता है। सूचीबद्धता 26 सितंबर से शुरू होने वाले 'पितृ पक्ष' से पहले करने का लक्ष्य है। एनएसई का निर्गम अरबपति मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले समूह की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित निर्गम से प्रतिस्पर्धा करेगा। जियो का निर्गम करीब 37,700 करोड़ रुपये का होने का अनुमान है, लेकिन इसकी समयसीमा की अभी घोषणा नहीं की गई है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एनएसई को सार्वजनिक निर्गम के साथ आगे बढ़ने की पिछले सप्ताह मंजूरी दी थी। 
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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