Reserve Bank of India ने HDFC Bank पर जताया भरोसा, गवर्नेंस को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं

punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 02:54 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः Reserve Bank of India (आरबीआई) ने गुरुवार को कहा कि HDFC Bank के आचरण या शासन (गवर्नेंस) से संबंधित कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है। यह बयान बैंक के चेयरमैन Atanu Chakraborty के नैतिक कारणों का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद आया।

आरबीआई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि एचडीएफसी बैंक एक घरेलू प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बैंक (D-SIB) है, जिसकी वित्तीय स्थिति मजबूत है और जिसका संचालन एक पेशेवर बोर्ड एवं सक्षम प्रबंधन टीम द्वारा किया जा रहा है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि उसके समय-समय पर किए गए आकलनों के आधार पर बैंक के संचालन या गवर्नेंस को लेकर कोई गंभीर चिंता सामने नहीं आई है।

पूंजी और लिक्विडिटी स्थिति मजबूत

आरबीआई ने यह भी कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और नकदी उपलब्ध है तथा उसकी समग्र वित्तीय स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब चेयरमैन के इस्तीफे के बाद बैंक के संचालन को लेकर बाजार में सवाल उठने लगे थे।

इस्तीफे के बाद अंतरिम व्यवस्था

Atanu Chakraborty ने 18 मार्च 2026 से तत्काल प्रभाव से पद छोड़ दिया। उनके स्थान पर Keki Mistry को 19 मार्च 2026 से तीन माह की अवधि के लिए अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति को आरबीआई ने मंजूरी प्रदान कर दी है।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह आगे की प्रक्रिया को लेकर बैंक के निदेशक मंडल और प्रबंधन के साथ समन्वय बनाए रखेगा।

नैतिक कारणों का हवाला

अपने इस्तीफे में Atanu Chakraborty ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और प्रथाएं देखीं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिक मानकों के अनुरूप नहीं थीं। हालांकि, उन्होंने किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी का आरोप नहीं लगाया। यह पहली बार है जब एचडीएफसी बैंक के किसी अंशकालिक चेयरमैन ने कार्यकाल के बीच में पद छोड़ा है, जिससे बैंक के कामकाज को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

प्रशासनिक अनुभव और पृष्ठभूमि

Atanu Chakraborty 1985 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं और अप्रैल 2020 में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद मई 2021 में उन्हें एचडीएफसी बैंक का अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल 2027 तक बढ़ाया गया था।

HDFC मर्जर के बाद बना बड़ा बैंक

उल्लेखनीय है कि HDFC Bank ने 1 जुलाई 2023 को अपनी मूल कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड के साथ विलय पूरा किया था। इस ‘रिवर्स मर्जर’ के बाद बैंक 18 लाख करोड़ रुपए से अधिक की बैलेंस शीट वाला देश का एक बड़ा वित्तीय संस्थान बन गया।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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