Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट संकट से भारतीय कंपनियों में हड़कंप, 30-40% तक बिजनेस Down

punjabkesari.in Tuesday, Apr 14, 2026 - 11:14 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारतीय कंज्यूमर कंपनियों के कारोबार पर साफ दिखने लगा है। पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के चलते कई कंपनियों की बिक्री और विस्तार योजनाएं प्रभावित हुई हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बाद कई कंपनियों का कारोबार 30% से 40% तक घट गया है। साथ ही कंटेनर शिपिंग की लागत 4-5 गुना तक बढ़ गई है, जिससे ऑपरेशनल खर्च में भारी इजाफा हुआ है।

ब्रिटानिया, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, बीबा फैशन, डाबर, इमामी, रसना, iD Fresh Food, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, मैरिको और बिसलेरी जैसी कई भारतीय कंपनियां इस क्षेत्र में काम करती हैं। इन कंपनियों की कुल कमाई का लगभग 5% से 20% हिस्सा इसी इलाके से आता है।

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कंपनियों की रणनीति में बदलाव

iD Fresh Food के ग्लोबल CEO पी.सी. मुस्तफा ने बताया कि कंपनी अब निवेश और विस्तार की योजनाओं की दोबारा समीक्षा कर रही है। वहीं Rasna के चेयरमैन पीरूज खंबाटा के मुताबिक, मौजूदा हालात कोविड जैसे हो गए हैं, जिससे लोग इस क्षेत्र को छोड़ रहे हैं।

बिक्री और मांग में गिरावट

Biba Fashion के MD सिद्धार्थ बिंद्रा ने कहा कि UAE में ईद तक कारोबार ठीक था, लेकिन उसके बाद बिक्री में 30-40% की गिरावट आई है। कंपनियां अब जोखिम कम करने के लिए स्टॉक बढ़ा रही हैं, सप्लाई चेन के वैकल्पिक रास्ते अपना रही हैं और अतिरिक्त इंश्योरेंस कवर ले रही हैं।

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क्यों अहम है यह बाजार?

मिडिल ईस्ट भारतीय कंपनियों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण बाजार है, जहां उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति मजबूत है। कई कंपनियों के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी यहीं स्थित हैं, जहां से उत्पाद अफ्रीका और यूरोप तक निर्यात किए जाते हैं।

डाबर पर भी असर

Dabur ने भी माना है कि इस क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का उसके कारोबार पर असर पड़ा है। कंपनी की करीब 15% सालाना आय इसी क्षेत्र से आती है और यहां उसके लगभग 500 कर्मचारी कार्यरत हैं।

कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने भारतीय कंपनियों के लिए लागत, मांग और विस्तार—तीनों मोर्चों पर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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