भारतीय शेयर बाजार को लेकर JP Morgan की नई रिपोर्ट, बताया Nifty Target
punjabkesari.in Saturday, Aug 22, 2026 - 11:22 AM (IST)
JP morgan on Nifty Target: भारतीय शेयर बाजार को लेकर दुनिया की जानी-मानी ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने नए अनुमान जारी किए हैं। ब्रोकरेज ने अपनी नई इंडिया स्ट्रैटेजी रिपोर्ट (India Strategy Report) में निफ्टी के लिए 27,000 अंकों का बेस-केस टारगेट बरकरार रखा है। वहीं, अगर बाजार में तेजी का माहौल मजबूत रहा तो निफ्टी के 30,000 तक पहुंचने की संभावना भी जताई गई है।
कमाई में ग्रोथ बनेगी बाजार की ताकत
JP Morgan के मुताबिक MSCI India कंपनियों की कमाई में 2026 के दौरान करीब 11% और 2027 में 13% की वृद्धि हो सकती है। यही मजबूत अर्निंग ग्रोथ बाजार के लिए सबसे बड़ा सपोर्ट बन सकती है।
ब्रोकरेज ने अपने बुल-केस में निफ्टी का लक्ष्य 30,000 रखा है। हालांकि नकारात्मक परिस्थितियों में यह इंडेक्स 20,500 तक फिसल सकता है यानी बाजार में तेजी की गुंजाइश के साथ जोखिम भी मौजूद हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप ने चौंकाया
हालिया तिमाही नतीजों में मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों ने मजबूत प्रदर्शन किया है। एनर्जी सेक्टर को अलग रखने पर मिडकैप 100 कंपनियों का टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर करीब 42% बढ़ा। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 कंपनियों के मुनाफे में लगभग 39% की वृद्धि दर्ज की गई।
मटीरियल्स, यूटिलिटीज, इंडस्ट्रियल्स और कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी जैसे सेक्टर्स इस प्रदर्शन के प्रमुख ड्राइवर रहे।
Power, Auto और Defence पर JP Morgan की नजर
ब्रोकरेज के मुताबिक आने वाले समय में पावर, ऑटो और डिफेंस जैसे सेक्टर बाजार की अगली तेजी का नेतृत्व कर सकते हैं।
देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और मजबूत Capital Expenditure से पावर कंपनियों को फायदा मिल सकता है। ऑटो सेक्टर में घरेलू बिक्री के साथ बेहतर Export Performance भी सकारात्मक संकेत दे रहा है।
डिफेंस कंपनियों को बढ़ते सरकारी खर्च और ऑर्डर बुक से सपोर्ट मिल रहा है। वहीं कंज्यूमर स्टेपल्स में भी वॉल्यूम रिकवरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
30,000 की राह आसान नहीं
JP Morgan का सकारात्मक नजरिया बाजार के लिए उत्साह बढ़ाने वाला जरूर है लेकिन निवेशकों को जोखिमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जियोपॉलिटिकल तनाव और मौसम से जुड़े जोखिम बाजार की दिशा बदल सकते हैं।
इसलिए 27,000 या 30,000 के टारगेट को निश्चित भविष्यवाणी के बजाय संभावित बाजार परिदृश्य के तौर पर देखना बेहतर होगा।
