मकानों की बिक्री ने प्री-कोविड स्तर को बड़े अंतर से किया पार, बिके 58290 मकान

2021-03-26T16:36:38.967

नई दिल्लीः कोरोना वायरस महामारी के कारण संकट में गुजरे साल 2020 के बाद रियल्टी उद्योग के लिए 2021 की पहली तिमाही राहत भरी खबर लेकर आई है। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले साल की तुलना में भारत के शीर्ष सात शहरों में मकानों की बिक्री 29 फीसदी बढ़ी है। इन तीन महीनों में 58,290 मकान बिके। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 45,200 था। 

शीर्ष सात शहरों में मुंबई, बंगलूरू, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, पूणे व चेन्नई शामिल हैं। मकानों की बिक्री ने प्री-कोविड स्तर को बड़े अंतर से पार कर लिया है। शीर्ष सात शहरों में प्रॉपर्टी के दामों में एक से दो फीसदी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है।

संपत्ति क्षेत्र की सलाहकार कंपनी एनारॉक द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक मकानों की बिक्री में इजाफा सबसे ज्यादा मुंबई और पूणे में हुआ है। मुंबई में मकानों की बिक्री 46 फीसदी बढ़ी है और पुणे में 47 फीसदी इजाफा हुआ है। एनारॉक के अनुसार, महाराष्ट्र में स्टांप शुल्क दरों में की गई कमी से उद्योग को फायदा हुआ है। होम लोन का रेट निचले स्तर पर आने से भी बिक्री में इजाफा हुआ। महाराष्ट्र सरकार द्वारा मकानों की बिक्री पर स्टांप शुल्क में कमी करने से बिल्डरों के साथ-साथ खरीदार को भी काफी राहत मिली। इससे मुंबई और पुणे में रियल्टी क्षेत्र में मांग बढ़ाने में काफी मदद मिली।  

लॉन्च किए गए 62,130 यूनिट्स  
2021 की पहली तिमाही में 62,130 यूनिट्स लॉन्च किए गए। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 41,220 यूनिट्स था। इस दौरान बंगलूरू एकमात्र शहर ऐसा शहर है जहां नए लॉन्च मकानों में 11 फीसदी वार्षिक गिरावट देखी गई। वहीं हैदराबाद में रिकॉर्ड 270 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। कुल नए लॉन्च घरों का 43 फीसदी हिस्सा मिड-सेगमेंट घरों में शामिल है, जिनकी कीमत 40 लाख से 80 लाख रुपए के बीच है।


Content Writer

jyoti choudhary

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