पेट्रोल-डीजल से लेकर LPG तक, जानिए क्या हैं सरकार के 5 बड़े फैसले?

punjabkesari.in Monday, Apr 06, 2026 - 01:06 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः दुनिया में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच भारत सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को लेकर 5 महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच जहां कई देशों में ईंधन संकट की आशंका जताई जा रही है, वहीं भारत सरकार ने स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होने का दावा किया है। साथ ही आम लोगों, खासकर मिडिल क्लास को राहत देने के लिए कई अहम फैसले भी लिए गए हैं, जिनमें बिना एड्रेस प्रूफ गैस सिलेंडर मिलना भी शामिल है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुचारू है और स्टॉक पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं और न ही गैस सिलेंडर की एडवांस बुकिंग करें। देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार पर्याप्त है।

सरकार ने आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हर जरूरी कदम पहले ही उठा लिए हैं....

1. बिना एड्रेस प्रूफ मिलेगा गैस सिलेंडर

अब 5 किलो का छोटा गैस सिलेंडर सिर्फ ID प्रूफ दिखाकर खरीदा जा सकता है। इससे किराएदारों और बिना पक्के दस्तावेज वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

2. गैस की रिकॉर्ड सप्लाई

सिर्फ एक दिन में 51 लाख LPG सिलेंडर की होम डिलीवरी हुई, जो सप्लाई सिस्टम की मजबूती दिखाता है। इसके साथ ही सरकार लोगों को पीएनजी (PNG), इंडक्शन स्टोव और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे विकल्पों को अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रही है, ताकि पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम हो सके।

3. 95% ऑनलाइन बुकिंग

डिजिटल इंडिया के तहत अब 95% गैस बुकिंग ऑनलाइन हो रही है, जिससे प्रक्रिया तेज और आसान बनी है।

4. PNG कनेक्शन में तेजी

पिछले एक महीने में 3.5 लाख से ज्यादा घरों में पाइप्ड गैस पहुंची, जबकि लाखों लोग नए कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं।

5. वैकल्पिक ऊर्जा पर जोर

सरकार इंडक्शन स्टोव, इलेक्ट्रिक कुकटॉप और PNG जैसे विकल्पों को बढ़ावा दे रही है, ताकि LPG पर निर्भरता कम हो।

सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी

सरकार समुद्री मार्गों और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर लगातार नजर बनाए हुए है। हाल ही में ‘ग्रीन सांवी’ नाम का एलपीजी जहाज सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है, जिसमें हजारों टन गैस भारत के लिए लाई जा रही है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा भी प्राथमिकता में है।

हवाई यात्रियों को भी राहत

युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से अब तक लाखों भारतीय सुरक्षित वापस लाए जा चुके हैं। विदेशों में मौजूद भारतीय मिशन पूरी तरह अलर्ट हैं और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद उपलब्ध करा रहे हैं।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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