तेल संकट के बीच सरकार सख्त, डीजल-ATF पर विंडफॉल टैक्स की हर 15 दिन समीक्षा
punjabkesari.in Friday, Mar 27, 2026 - 05:27 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के बीच केंद्र सरकार ने ईंधन नीति को लेकर बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने कहा है कि डीजल और विमान ईंधन (ATF) पर लगाए गए विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) यानी विंडफॉल टैक्स की हर 15 दिन में समीक्षा की जाएगी।
घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करना लक्ष्य
सरकार ने डीजल पर ₹21.5 प्रति लीटर और ATF पर ₹29.5 प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया है, ताकि घरेलू बाजार में इनकी उपलब्धता बनी रहे। इस कदम से पहले पखवाड़े में करीब ₹1,500 करोड़ के राजस्व का अनुमान है।
एक्साइज कटौती से राहत
सरकार ने आम लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर ₹10-₹10 प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी घटाई है। इस फैसले से अगले 15 दिनों में करीब ₹7,000 करोड़ के राजस्व नुकसान का अनुमान है लेकिन इसका मकसद तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी कम करना और कीमतों को स्थिर रखना है।
क्यों उठाया गया कदम?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल—जो 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच चुकी हैं—के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। इससे पहले कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक भी गई थीं।
बाजार पर असर
हालांकि अंतरराष्ट्रीय कीमतें ऊंची बनी हुई हैं लेकिन सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है। वहीं निजी कंपनियों ने कुछ जगहों पर कीमतों में बढ़ोतरी भी की है।
