See More

प्राइवेट ट्रेनों में मिलेंगी फ्लाइट जैसी सुविधाएं! भारतीय रेलवे का यह है प्लान

2020-07-07T14:36:51.423

नई दिल्लीः भारतीय रेलवे 151 प्राइवेट ट्रेनों को चलाने की तैयारी में है। प्राइवेट ट्रेनों में एयरलाइन्स की तरह यात्रियों को पसंदीदा सीट, सामान और यात्रा की सुविधाएं दी जाएंगी। इन सुविधाओं के लिए यात्रियों को अलग से भुगतान भी करना पड़ सकता है। यह सकल राजस्व (टोटल रेवेन्यू) का हिस्सा होगा जिसे प्राइवेट ट्रेन को चलाने वाली कंपनी को रेलवे के साथ साझा करना होगा। इस बात की जानकारी रेलवे ने अपने एक दस्तावेज में दी है।

रेलवे ने हाल ही में टेंडर (आरएफक्यू) जारी कर प्राइवेट यूनिट्स (जो प्राइवेट ट्रेनों को चलाएंगी) को पैसेंजर ट्रेनें चलाने के लिए आमंत्रित किया है। अधिकारियों के अनुसार इन सेवाओं के लिए यात्रियों से पैसा लेने के बारे में निर्णय भी प्राइवेट कंपनियों को करना है।

प्राइवेट कंपनियों को मिलेगी पूरी छूट
रेलवे द्वारा जारी डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार बोली लगाने वाली प्राइवेट कंपनियों को परियोजना लेने के लिए टेंडर में टोटल रेवेन्यू में हिस्सेदारी की पेशकश करनी होगी। टेंडर के अनुसार रेलवे प्राइवेट कंपनियों को यात्रियों से किराया वसूलने को लेकर आजादी देगी। साथ ही उन्हें इस बात की भी आजादी होगी कि वो कमाई के रास्ते तलाशने के लिए नये विकल्प टटोल सकते हैं।

सुविधाओं के लिए देना होगा अलग से चार्ज
आरएफक्यू में कहा गया है, ‘टोटल रिवेन्यू में साझेदारी किस प्रकार होगी यह अभी विचाराधीन है। वैसे इसमें निम्न बातें शामिल हो सकती है। यात्रियों या किसी तीसरे पक्ष द्वारा यात्रियों को सेवा देने के एवज में संबंधित कंपनी को प्राप्त राशि इसके अंतर्गत आएगा। इसमें टिकट पर किराया राशि, पसंदीदा सीट का विकल्प, सामान/पार्सल/कार्गो (अगर टिकट किराया में शामिल नहीं है) के लिए अलग से पैसा देना शामिल होगा।’

विज्ञापन और ब्रांडिंग भी टोटल रेवेन्यू का हिस्सा
दस्तावेज के अनुसार, ‘यात्रा के दौरान सेवाओं जैसे भोजन, बेडशीट, कंबल और यात्री की मांग पर दी जाने वाली कोई सामग्री, वाई-फाई (अगर टिकट किराया में शामिल नहीं है) का अलग से चार्ज देना होगा। इसके अलावा विज्ञापन, ब्रांडिंग जैसी चीजों से प्राप्त राशि भी टोटल रेवेन्यू का हिस्सा होगी।’


jyoti choudhary

Related News