टाटा समूह की सात कंपनियों के निदेशक टाटा संस की सूचीबद्धता की पहल करेंः इनगवर्न रिसर्च
punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 05:19 PM (IST)
नई दिल्लीः संस्थागत निवेशकों को परामर्श देने वाली कंपनी इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज ने टाटा समूह की सात सूचीबद्ध कंपनियों के निदेशकों से टाटा संस को सूचीबद्ध कराने के लिए पहल करने का आग्रह किया है, ताकि सार्वजनिक शेयरधारकों के हितों की रक्षा हो सके। इनगवर्न रिसर्च के प्रबंध निदेशक एवं संस्थापक श्रीराम सुब्रमण्यन ने टाटा समूह की सात कंपनियों के स्वतंत्र निदेशकों एवं बोर्ड सदस्यों को लिखे पत्र में कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के 2026 के नियामकीय बदलाव टाटा संस के निजी बने रहने पर प्रणालीगत जोखिम पैदा कर सकते हैं। यह पत्र टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा केमिकल्स, टाटा पावर, इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन को संबोधित है, जिनकी टाटा संस में संयुक्त हिस्सेदारी करीब 12 प्रतिशत है।
पत्र में कहा गया है कि बोर्ड (निदेशक मंडल) का यह दायित्व है कि वह टाटा संस की सूचीबद्धता के लिए प्रयास करे और इस पर स्पष्ट रुख सार्वजनिक रूप से रखे। इनगवर्न ने तीन-स्तरीय रणनीति सुझाते हुए कहा कि कंपनियां सूचीबद्धता के लिए स्पष्ट रूपरेखा की मांग करें, टाटा संस में अपनी हिस्सेदारी का बाजार आधारित पुनर्मूल्यांकन कराएं और कंपनी संचालन सुधारों को आगे बढ़ाएं। इस पत्र के मुताबिक, टाटा संस को सूचीबद्ध करना न केवल नियामकीय जरूरत है, बल्कि समूह के विस्तार में निवेश करने वाले शेयरधारकों के प्रति जिम्मेदारी भी है।
इनगवर्न रिसर्च ने पिछले हफ्ते एक रिपोर्ट में रिजर्व बैंक से आग्रह किया था कि वह टाटा संस को उच्चस्तरीय एनबीएफसी के रूप में मार्च 2027 तक सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करे। उसने कहा था कि नियामकीय ढांचे में इतने बड़े संस्थान को सूचीबद्धता से छूट देने का कोई कानूनी आधार नहीं बचा है। रिपोर्ट के अनुसार, टाटा संस करीब 1.75 लाख करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों को नियंत्रित करती है। इनगवर्न ने टाटा संस के 'प्रमुख निवेश कंपनी' दर्जा समाप्त करने के आवेदन को खारिज करने की भी मांग की।
