UPI Transactions in India: 11 गुना बढ़े डिजिटल ट्रांजेक्शन, UPI ने बदली लेनदेन की तस्वीर
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 10:47 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः जहां कभी लेन-देन के लिए नकदी ही सबसे बड़ा सहारा हुआ करती थी, वहीं अब डिजिटल ट्रांजेक्शन आम बात हो गई है। डेबिट-क्रेडिट कार्ड के दौर के बाद अब मोबाइल आधारित भुगतान प्रणाली ने बाजार पर कब्जा जमा लिया है। खासकर National Payments Corporation of India द्वारा संचालित Unified Payments Interface (UPI) ने भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही सेकेंडों में पैसे ट्रांसफर हो रहे हैं और यही सुविधा इसे लोगों का पसंदीदा माध्यम बना रही है।
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग की एक स्टडी के मुताबिक देश में डिजिटल भुगतान और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में जबरदस्त विस्तार हुआ है। कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन में करीब 11 गुना वृद्धि दर्ज की गई है और अब कुल डिजिटल लेनदेन में UPI की हिस्सेदारी लगभग 80% तक पहुंच गई है। UPI क्यूआर कोड की संख्या 9.3 करोड़ से बढ़कर 65.8 करोड़ हो गई है, जिससे छोटे-बड़े व्यापारी इसे तेजी से अपना रहे हैं। वहीं थर्ड-पार्टी ऐप प्रोवाइडर्स की संख्या 16 से बढ़कर 38 हो चुकी है, जो बढ़ती फिनटेक भागीदारी को दर्शाती है।
युवाओं की बड़ी भूमिका
डिजिटल भुगतान की इस क्रांति में युवाओं की भूमिका अहम है। 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग में UPI का उपयोग 66% तक पहुंच गया है। यह संकेत है कि नई पीढ़ी तेज, आसान और कैशलेस लेनदेन को प्राथमिकता दे रही है।
UPI की बढ़ती पकड़
भारत में अब UPI कुल भुगतान लेनदेन का 57% हिस्सा संभाल रहा है, जो नकदी (38%) से कहीं आगे है। 65% उपयोगकर्ताओं ने बताया कि वे दिन में कई बार डिजिटल भुगतान करते हैं। मार्च 2021 में जहां UPI प्लेटफॉर्म पर 216 बैंक जुड़े थे, वहीं मार्च 2025 तक यह संख्या बढ़कर 661 हो गई है, जो इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दिखाता है।
नकदी का घटता चलन
स्टडी में यह भी सामने आया कि UPI और RuPay कार्ड के बढ़ते उपयोग से 90% लोगों का डिजिटल भुगतान पर भरोसा मजबूत हुआ है। एटीएम से नकदी निकासी में कमी आई है। 52% लोगों ने कैशबैक ऑफर को UPI अपनाने की एक वजह बताया, जबकि 74% ने तेज भुगतान को सबसे बड़ा फायदा माना।
व्यापारियों को भी फायदा
डिजिटल भुगतान का असर व्यापारियों पर भी साफ दिख रहा है। 94% छोटे व्यापारी UPI अपना चुके हैं और 72% व्यापारी इससे संतुष्ट हैं। तेज ट्रांजेक्शन, बेहतर रिकॉर्ड-कीपिंग और कामकाज में पारदर्शिता जैसे फायदे उन्हें मिल रहे हैं। 57% व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान अपनाने के बाद बिक्री बढ़ने की भी बात कही है।
कुल मिलाकर, UPI ने भारत में भुगतान प्रणाली को नई दिशा दे दी है और कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर देश तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
