Banking News: भारत बंद के बीच बैंकिंग सेवाओं में आ सकती है रुकावट, ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह
punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 10:54 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः देश के कई मजदूर और किसान संगठनों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है, जिसमें कई बैंक यूनियन भी शामिल हैं। इसके चलते सरकारी बैंकों के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे बैंक ग्राहकों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आज बैंक खुलेंगे या नहीं। भारत बंद के आह्वान के बीच बैंकिंग सेवाओं पर आंशिक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। एसबीआई, यूको बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बैंकों ने बीएसई को सूचना देते हुए कहा है कि बंद के कारण उनके कामकाज पर आंशिक प्रभाव पड़ सकता है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी फाइलिंग में बताया कि सभी शाखाओं और कार्यालयों में सामान्य कामकाज बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं, हालांकि बंद के चलते कुछ सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने भी कहा है कि उसने सामान्य संचालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं लेकिन बंद के कारण सीमित असर से इनकार नहीं किया जा सकता। यूको बैंक ने भी इसी तरह की जानकारी देते हुए कहा कि शाखाओं में कामकाज सुचारू रखने की कोशिश की जा रही है, फिर भी कुछ व्यवधान संभव है।
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लॉयीज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) जैसी प्रमुख बैंकिंग यूनियनों ने अपने सदस्यों से बंद का समर्थन करने की अपील की है। यूनियनों का कहना है कि प्रस्तावित लेबर कोड कर्मचारियों के हित में नहीं हैं और वे लंबे समय से बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस व हफ्ते में पांच दिन काम की मांग कर रहे हैं। वहीं 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच—जिसमें इंटक, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एसईडब्ल्यूए, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी शामिल हैं—ने भी इस बंद का समर्थन किया है। किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में बंद का आह्वान किया है।
हालांकि आरबीआई या बैंकों की ओर से कोई आधिकारिक बैंक अवकाश घोषित नहीं किया गया है यानी बैंक खुले रहेंगे लेकिन शाखा सेवाओं जैसे चेक क्लीयरेंस, नकद जमा-निकासी और काउंटर सेवाओं में देरी या परेशानी हो सकती है। वहीं ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सेवाओं के सामान्य रूप से चालू रहने की उम्मीद है, जबकि निजी बैंकों में नियमित कामकाज जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
