बेटे के निधन से टूटे अनिल अग्रवाल, कमाई का 75% से ज्यादा करेंगे दान
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 05:15 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल इस समय अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने उन्हें और उनके परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस निजी त्रासदी के बीच अनिल अग्रवाल ने एक बार फिर अपने उस बड़े संकल्प को दोहराया है, जिसने हर किसी का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा है कि वह अपनी कुल कमाई का 75 फीसदी से ज्यादा हिस्सा समाज सेवा के लिए दान करेंगे और आगे की जिंदगी सादगी के साथ बिताएंगे।
Today is the darkest day of my life.
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) January 7, 2026
My beloved son, Agnivesh, left us far too soon. He was just 49 years old, healthy, full of life, and dreams. Following a skiing accident in the US, he was recovering well in Mount Sinai Hospital, New York. We believed the worst was behind us.… pic.twitter.com/hDQEDNI262
बेटे से किया वादा निभाएंगे
अनिल अग्रवाल ने अपने भावुक संदेश में कहा कि यह वादा उन्होंने अपने बेटे अग्निवेश से किया था। उन्होंने लिखा कि जो भी उन्होंने जीवन में कमाया है, उसका बड़ा हिस्सा समाज को लौटाया जाएगा। बेटे के जाने के बाद यह संकल्प और भी मजबूत हो गया है और अब उनकी बाकी जिंदगी इसी उद्देश्य को समर्पित रहेगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
49 वर्षीय अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। अनिल अग्रवाल ने कहा कि वह और उनकी पत्नी किरण अग्रवाल इस सदमे से पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा कि वेदांता परिवार का हर सदस्य उन्हें अपने बच्चों जैसा लगता है और वही उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता है।
कौन हैं अनिल अग्रवाल
अनिल अग्रवाल वेदांता रिसोर्सेज के फाउंडर और चेयरमैन हैं। 1954 में बिहार के पटना में जन्मे अग्रवाल ने बेहद साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर वेदांता ग्रुप को वैश्विक पहचान दिलाई। मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल सेक्टर में वेदांता की मजबूत मौजूदगी है।
बेटे के सपनों को देंगे नया जीवन
अनिल अग्रवाल ने कहा कि उनका और उनके बेटे का सपना एक ही था—भारत को आत्मनिर्भर बनाना। कोई बच्चा भूखा न सोए, हर बच्चे को शिक्षा मिले, महिलाएं सशक्त हों और युवाओं को रोजगार मिले। उन्होंने लिखा कि बेटे के बिना जिंदगी अधूरी है, लेकिन उसके सपने अधूरे नहीं रहेंगे।
