चीनी- दूध के बाद पेट्रोल-डीजल पर आई बड़ी खबर, सरकार ने लिया यह बड़ा फैसला
punjabkesari.in Wednesday, Sep 02, 2026 - 05:33 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः चीनी और दूध की बढ़ी कीमतों से जूझ रही जनता के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल को लेकर एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। सरकार ने ईंधन के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) को बढ़ाने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ये नए बदलाव 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गए हैं। राहत की बात यह है कि इस फैसले से देश के आम उपभोक्ताओं पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
किस पर कितना बढ़ा टैक्स?
- पेट्रोल निर्यात पर नया टैक्स: पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक पेट्रोल के निर्यात पर कोई टैक्स नहीं लिया जाता था, लेकिन अब सरकार ने इस पर 1.50 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से टैक्स लगा दिया है।
- डीजल निर्यात पर बढ़ोतरी: डीजल के निर्यात पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और रोड-इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को मिलाकर टैक्स 24 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
- हवाई ईंधन (ATF) पर मामूली राहत: सरकार ने हवाई जहाज के ईंधन (ATF) के निर्यात पर टैक्स को 19.50 रुपये से घटाकर 19 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।
क्या आम जनता की जेब पर पड़ेगा असर?
इस टैक्स बढ़ोतरी के बाद लोगों में आशंका थी कि इससे घरेलू बाजार में महंगाई बढ़ सकती है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसका असर आम जनता पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। देश के भीतर इस्तेमाल के लिए बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस कदम के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के भीतर पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर तेल कंपनियां अधिक मुनाफे के लालच में विदेशों में ईंधन का निर्यात बढ़ा सकती थीं। इसी को रोकने और घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने निर्यात पर टैक्स लगाने और उसे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
