मत्स्य संपदा योजना, अगले पांच साल में मिलेगा 55 लाख लोगों को रोजगार

2020-09-10T12:40:41.137

नई दिल्ली: मछली उत्पादन बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के मकसद से पीएम मोदी आज मत्स्य संपदा योजना (PMMSY-Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana) को लॉन्च करने वाले हैं। बता दें कि मत्स्य पालन देश का एक उभरता हुआ सेक्टर है और अभी इसमें करीब 15 लाख लोगों का रोजगार मिल रहा है। केंद्र सरकार ने अब इसे बढ़ाकर 2024-25 में लगभग 55 लाख करने का लक्ष्य तय करने का फैसला किया है।

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मत्स्य पालन सचिव डॉ. राजीव रंजन के अनुसार, मछली उत्पादन को साल 2018-19 में 137.58 लाख टन से बढ़ाकर 2024-25 में 220 लाख टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रंजन ने बताया कि 2024-25 में औसत जल कृषि उत्पादकता को 3.3 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 5.0 टन प्रति हेक्टेयर तक करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।  2024-25 में मत्स्य पालन को एक लाख करोड़ रुपए और 2028 तक 2 लाख करोड़ रुपए करने का प्लान है। भारत दुनिया का दूसरा बड़ा जलकृषि उत्पादक और चौथा सबसे बड़ा समुद्री खाद्य निर्यातक बन गया है।

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सचिव डॉ. राजीव रंजन के बताया कि मत्स्य पालन सेक्टर में कुछ नीतिगत सुधार किए गए हैं, जैसेकि मछुआरों के लिए मत्स्य पालन अवसंरचना विकास फंड और केसीसी सुविधा प्रदान करना। केसीसी के तहत आपकों मछली पालन के लिए 2 लाख रुपए तक का लोन मिल सकता है। मछलीपालन को सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ दिया है। मत्स्य पालन में निवेश के अवसरों को रेखांकित किया गया है जैसे कि खारे पानी की जलकृषि, समुद्र शैवाल की खेती आदि।

मछली पालन के आंकड़े

  • 2014-15 से लेकर 2018-19 तक, मत्स्य सेक्टर में 10.87 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • भारत में मछली उत्पादन में 7.53 प्रतिशत, मत्स्य निर्यात में 9.71 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
  • भारत में मछली उत्पादन की वैश्विक हिस्सेदारी 7.73 प्रतिशत हो गई है।

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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की घोषणा बजट में की गई थी। इसके बाद कोरोना राहत पैकेज की घोषणा करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया थाकि मरीन, इनलैंड फिशरी और एक्‍वाकल्‍चर में गतिविधियों के लिए 11,000 करोड़ रुपये का फंड उपलब्‍ध कराया जाएगा।


Author

rajesh kumar

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