‘विभिन्न कारणों से बढ़ रही आत्महत्याएं’ उजड़ रहे परिवार!
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 03:26 AM (IST)
विभिन्न कारणों से देश में लोगों द्वारा आत्महत्याएं करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है तथा 2024 में देश में आत्महत्याओं के 170746 मामले सामने आए। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार जब व्यक्ति को अपनी परेशानी से निकलने का कोई रास्ता नहीं दिखाई देता तब वह आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा लेता है। तनाव के मुख्य कारणों में पारिवारिक समस्याएं, बीमारी, वैवाहिक समस्याएं, लव अफेयर, कर्ज, रैगिंग, काम में घाटा आदि शामिल हैं जिनकी लगभग पिछले 3 सप्ताह की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 25 जुलाई को ‘सीकर’ (राजस्थान) में एक किसान के बेटे और नीट अभ्यर्थी ‘प्रदीप कुमार’ (22) ने आत्महत्या कर ली। उसके पिता ने पढ़ाई के लिए जमीन गिरवी रख कर कर्ज लिया था। परीक्षा रद्द होने के बाद ‘प्रदीप’ अपने पिता के सिर पर चढ़े कर्ज से परेशान था तथा वह उन पर कर्ज का और बोझ नहीं डालना चाहता था।
* 2 अगस्त को ‘ठाणे’ (महाराष्ट्र) में रेलवे पटरियों पर एक 17 वर्षीय किशोरी की मृत्यु के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि किशोरी गर्भवती थी, जिसके बाद डोंबिवली रेलवे पुलिस ने उसके प्रेमी को उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया।
* 9 अगस्त को ‘बांद्रा’ (मुंबई) में स्थित एक बहुमंजिला इमारत की 13वीं मंजिल से कूदकर एक 24 वर्षीय युवक ने जान दे दी। पुलिस जांच के अनुसार, युवक की पूर्व प्रेमिका और उसकी बहन द्वारा उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही थी।
* 10 अगस्त को ‘झांसी’ (उत्तर प्रदेश) जिले में एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में ‘गुरसराय’ थाने में लाए गए एक पुजारी ‘राजेंद्र प्रसाद’ ने थाना परिसर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
* 10 अगस्त को ही ‘जलालाबाद’ (पंजाब) के गांव ‘भम्बाबटू’ में एक दम्पति ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों की 10 वर्ष पूर्व शादी हुई थी और घर में संतान न होने के कारण दोनों परेशान रहते थे।
* 12 अगस्त को ‘सूरत’ (गुजरात) के मैडीकल कालेज में रैगिंग से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले एक जूनियर डॉक्टर के मामले में पुलिस ने 4 सीनियर रैजीडैंट डाक्टरों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की।
* 13 अगस्त को ‘नवांशहर’ (पंजाब) के ‘गांव गढ़पधाना’ में घाटा पडऩे से दुखी एक युवक दिलप्रीत सिंह ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे देख उसके 2 दोस्त किशोर साथियों ने भी जहरीला पदार्थ निगल लिया। इसके परिणामस्वरूप उक्त युवक तथा उसके एक साथी की मृत्यु हो गई और दूसरा साथी गंभीर रूप से बीमार हो गया।
* 14 अगस्त को ‘बेंगलुरु’ (कर्नाटक) में घरेलू विवाद के एक मामले में 32 वर्षीय एक सिविल इंजीनियर ने अपनी 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर पत्नी की हत्या करने के बाद स्वयं भी आत्महत्या कर ली।
* 15 अगस्त को ‘मुम्बई’ में नौसेना नगर के एक मकान में भारतीय नौसेना के एक जवान ने अपनी पत्नी और बच्चों को जहर देने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
* 16 अगस्त को ‘हैदराबाद’ (तेलंगाना) के ‘उप्पल’ थाना क्षेत्र में ‘उस्मानिया मैडीकल कॉलेज’ में एम.बी.बी.एस. के प्रथम वर्ष के डिप्रैशन से जूझ रहे 19 वर्षीय एक छात्र ने आत्महत्या कर ली।
* और अब 16 अगस्त को ही ‘रामपुरहाट’ (पश्चिम बंगाल) में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी का शव पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका हुआ मिला।
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला जिसमें उसने लिखा है कि, ‘‘मैं पार्टी के सभी गलत कामों को हमेशा स्वीकार नहीं कर पाता था लेकिन मैं विरोध भी नहीं कर सका। मैंने अपनी पूरी जिंदगी में काम के बदले एक पैसा भी नहीं लिया।’’ आशीष ने लिखा कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है और उन्होंने राजनीति में आने पर अफसोस जताया।
आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाना निश्चय ही अत्यंत दुखद है। अत: परिवार के किसी सदस्य के व्यवहार में अचानक बदलाव नजर आते ही इस बदलाव का पता लगाकर उसकी काऊंसलिंग करवानी चाहिए ताकि समय रहते उसे ऐसा कदम उठाने से रोका और परिवार को उजडऩे से बचाया जा सके। आत्महत्या जैसा कदम उठाने वालों को भी सोचना चाहिए कि उनके इस कदम से उनके परिवार पर कितना बुरा असर पडऩे वाला है।—विजय कुमार
