‘नकली करंसी की आ रही बाढ़’ देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा!

punjabkesari.in Thursday, Sep 03, 2026 - 04:02 AM (IST)

‘भारतीय रिजर्व बैंक’ (आर.बी.आई.) ने 29 मई, 2026 को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि वर्ष 2025-26 के दौरान जाली नोटों की बरामदगी में वर्ष 2024-25 की तुलना में 5.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जब्त किए गए कुल नकली नोटों में सर्वाधिक 61.8 प्रतिशत हिस्सेदारी 500 रुपए व 200 रुपए के नोटों की थी। पिछले लगभग डेढ़ महीनों में सामने आई नकली करंसी बरामदगी की घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :

* 12 जुलाई को ‘अजमेर’ (राजस्थान) में पुलिस ने एक मकान के अंदर पिं्रटर से नकली करंसी छाप रहे आरोपी को पकड़ कर उसके पास से 13 लाख 60 हजार रुपए की नकली करंसी बरामद की।
* 13 जुलाई को ‘लखनऊ’ (उत्तर प्रदेश) के ‘दुबग्गा’ में पुलिस ने बाजार में 500 रुपए के नकली नोटों से खरीदारी कर रहे ‘संजीव मिश्रा’ उर्फ ‘बाबाजी’ को गिरफ्तार किया। 
* 17 जुलाई को ‘मुम्बई’ पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय जाली नोट रैकेट का भंडाफोड़ करके इसके  सरगना ‘अमित जयसवाल’ सहित 3 लोगों को गिरफ्तार करके नवी मुंबई स्थित उसके मकान से कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर, वॉटरमार्क पेपर, विशेष पिं्रटर और लैमिनेशन मशीन के साथ नकली नोट छापने की मशीनरी पकड़ी। पुलिस ने तलाशी के दौरान मौके से 100 रुपए और 500 रुपए के सैंकड़ों जाली नोट जब्त किए।
* 15 अगस्त को ‘औरंगाबाद’ (बिहार) में पुलिस ने 2.48 लाख रुपए के जाली नोटों के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया। 

* 21 अगस्त को ‘जयपुर’ (राजस्थान) पुलिस ने जालसाजों के एक गिरोह को गिरफ्तार करके उनसे 4.30 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए। इस गिरोह के तार ‘बंगलादेश’ और ‘कोलकाता’ से जुड़े थे, जो इन नोटों को बाजार में खपाने का ‘ट्रायल’ कर रहे थे। 
* 21 अगस्त को ही ‘मोतिहारी’ (बिहार) में 88,000 रुपए के 500-500 रुपए वाले जाली नोटों के साथ ‘नेपाल’ से ‘मोतिहारी’ पहुंचे 2 धंधेबाजों ‘नूर आलम’ तथा ‘शेख इफ्तेखार मंसूरी’ को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
* 31 अगस्त को ‘सहारनपुर’ (उत्तर प्रदेश) के ‘पंजाब नैशनल बैंक’ की घंटाघर शाखा की करंसी चैस्ट (तिजोरी) में लगभग 17 करोड़ रुपए के नकली नोट बरामद किए गए। इस मामले में 3 बैंक मैनेजरों और 1 पार्ट टाइम हाऊस कीपर के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई। 
* 31 अगस्त को ही ‘बेंगलुरु’ (कर्नाटक) के ‘रामनगर’ में पुलिस ने एक नवनिर्मित मकान पर छापा मार कर नकली नोट छापने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करके मौके से 5 लाख रुपए मूल्य के नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने योग्य कागज के बंडल और अन्य कैमिकल जब्त किए तथा 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 

* 31 अगस्त को ही ‘अमृतसर’ (पंजाब) में बी.एस.एफ. ने ‘दाओके बॉर्डर आऊटपोस्ट’ के निकट तलाशी अभियान के दौरान 1.98 लाख रुपए मूल्य के नकली भारतीय नोट बरामद किए। यह खेप सीमा पार से तस्करी के जरिए भारतीय क्षेत्र में लाई गई थी।
देश में जाली नोटों की बरामदगी में अक्सर पाकिस्तान और नेपाल कनैक्शन सामने आता रहा है। ‘पश्चिम बंगाल’ में ‘मालदा’ देश में नकली करंसी का बड़ा केंद्र है जहां से नकली नोट देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जाते हैं। 

नकली नोट छापना, अपने पास रखना और सर्कुलेट करना न केवल भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत दंडनीय अपराध है बल्कि आरोपी पर यू.ए.पी.ए. (गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) भी लगाया जा सकता है। इसमें आरोपी पर  देश की एकता और अखंडता को हानि पहुंचाने तथा आतंकवाद के आरोप में मुकद्दमा चलाया जा सकता है। इसके अंतर्गत मृत्युदंड और उम्रकैद तक की सजाओं का प्रावधान है। चूंकि नकली करंसी किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है, अत: इसके निर्माण या सप्लाई से जुड़े लोगों के विरुद्ध तुरंत कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।—विजय कुमार


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Related News