‘जादू-टोने के चक्कर में’ लोग कर रहे अपराध!

punjabkesari.in Saturday, Jul 18, 2026 - 03:02 AM (IST)

स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी देश अंधविश्वासों, वहमों-भ्रमों और जादू-टोने से मुक्त नहीं हो पाया तथा लोग अंधविश्वासों के जाल में फंस कर हत्याएं तथा अन्य अपराध कर रहे हैं जो पिछले मात्र लगभग 3 सप्ताह में सामने आई निम्न घटनाओं से स्पष्ट है :

* 22 जून को ‘बांदा’ (उत्तर प्रदेश) में अमीर बनने और ‘खेत में गड़ा धन’ निकालने के लालच में एक कलियुगी पिता ने अपनी ही 14 वर्षीय नाबालिग बेटी को एक ढोंगी तांत्रिक के हवाले कर दिया, जिसने तंत्र-मंत्र के बहाने मासूम के साथ हैवानियत कर डाली। पीड़िता के 4 महीने की गर्भवती होने पर मामला सामने आने के बाद बांदा पुलिस ने एफ.आई.आर. दर्ज कर आरोपी तांत्रिक को हिरासत में ले लिया।

* 7 जुलाई को ‘अजमेर’ (राजस्थान) के ‘मायापुर’ गांव में एक तांत्रिक और उसके साथियों ने एक 21 वर्षीय युवती के सिर से भूत-प्रेत का साया हटाने के नाम पर उसके माथे, हाथ और पैरों सहित पूरे शरीर को गर्म लोहे के सरिए से बेरहमी से दाग दिया जिससे वह बुरी तरह झुलस गई।
* 7 जुलाई को ही ‘रायसेन’ (मध्य प्रदेश) के ‘गैरतगंज’ में जमीन में गड़ा धन तलाश करने की तांत्रिक क्रिया के दौरान 42 वर्षीय सर्राफा व्यापारी ‘विजय जैन’ की उसके ही दोस्तों और एक तांत्रिक द्वारा कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर नरबलि दे देने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया।
* 12 जुलाई को ‘ठाणे’ (महाराष्ट्र) में शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता और पूर्व सांसद ‘विनायक राऊत’ की बहू ‘गिरिजा राऊत’ ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में अपने ससुर एवं पति ‘गीतेश राऊत’ के अलावा जादू-टोना करने वाले ‘फिरोज’ और ‘काजी बाबा’ सहित 7 लोगों पर उसके उत्पीडऩ और काला जादू करने के आरोप लगाए। 
गिरिजा के मुताबिक उसके बाल खींचे गए और उस पर काला जादू किया। गिरिजा का आरोप है कि यह सब उसके गर्भ न ठहरने के कारण किया गया। 

* 13 जुलाई को ‘पलामू’ (झारखंड) में अंधविश्वास और जादू-टोने के संदेह में ‘रोशन’ नामक 12 वर्षीय किशोर की उसके चाचा ‘अनिल’ ने चाकू मार कर हत्या कर दी। ‘अनिल’ को संदेह था कि ‘रोशन’ की मां के जादू-टोना करने के कारण ही उसकी पत्नी का बार-बार गर्भपात हो रहा है। 
* 13 जुलाई को ही ‘गुमला’ (झारखंड) के ‘नागफेनी’ गांव में ‘एतवा उरांव’ नामक व्यक्ति ने ‘सीताराम’ नामक 75 वर्षीय बुजुर्ग को कुल्हाड़ी से काट कर मार डाला। ‘एतवा उरांव’ लम्बे समय से उस पर ‘नर पिशाच’ होने का आरोप लगाता आ रहा था। उसे संदेह था कि उसके बच्चों तथा परिवार के अन्य सदस्यों की बीमारी के लिए वही जिम्मेदार है।
* 14 जुलाई को ‘भोपाल’ (मध्य प्रदेश) के ‘सूखी सेवनिया’ इलाके में एक व्यक्ति को जमीन में गड़े खजाने को खोजने के अंधविश्वास में अपने 2 साथियों के साथ मिलकर अपनी ही नाबालिग बेटी की डंडे से पीटकर और गला घोंटकर हत्या करके शव को छुपाने के लिए खेत में दफना देने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया।

* 14 जुलाई को ही ‘चिक्काबल्लापुर’ (कर्नाटक) में अपने एक दीवानी मुकद्दमे का फैसला सुनने अदालत में पहुंची 65 वर्षीय ‘मंजुला’ नामक महिला को जज की कुर्सी पर मंत्र पढऩे तथा सफेद सरसों के दाने छिड़क कर काला जादू करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार उसने संभवत: अपने पक्ष में फैसला आने की उम्मीद में ऐसा किया। * 15 जुलाई को ‘जशपुर’ (छत्तीसगढ़) के ‘पत्थलगांव’ में  ‘डायन’ होने का आरोप लगा कर ‘सुख सिंह राठिया’ नामक व्यक्ति ने अपने परिवार के सदस्यों की मौतों के लिए अपनी ही विधवा बहू ‘नवीना राठिया’ को जिम्मेदार ठहराते हुए डंडे से पीट-पीट कर मार डाला।

उक्त उदाहरणों से स्पष्टï है कि समाज में अनेक ऐसे लोग मौजूद हैं, जो लोगों को तंत्र-मंत्र और जादू-टोने के जाल में फंसा कर उनसे हत्या तक के अपराध करवा रहे हैं। अत: जहां लोगों को जागरूक होने एवं ऐसे तत्वों से सावधान रहने की जरूरत है, वहीं ऐसे तत्वों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई करने की भी बेहद जरूरत है।—विजय कुमार


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