राष्ट्रपति चुनाव: सुमित्रा महाजन ने कानून के जानकारों से पूछा, क्या छोड़ना होगा लोस अध्यक्ष पद

Sunday, June 18, 2017 9:07 AM
राष्ट्रपति चुनाव: सुमित्रा महाजन ने कानून के जानकारों से पूछा, क्या छोड़ना होगा लोस अध्यक्ष पद

नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा की ओर से भले ही अभी कोई उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है लेकिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल होने पर उन्होंने कानून के जानकारों से पूछा है कि पर्चा दाखिल करने से पहले क्या स्पीकर पद से इस्तीफा देना होगा? अधिकारियों ने नीलम संजीव रैड्डी का उदाहरण दिया। संजीव रैड्डी ने 2 बार राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा और दोनों ही बार वह लोकसभा अध्यक्ष थे। भैरों सिंह शेखावत ने उपराष्ट्रपति रहते हुए राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा था। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार महाजन और झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मु को अगले हफ्ते दिल्ली में रहने को कहा गया है। राष्ट्रपति पद के लिए सत्तापक्ष की तरफ से जो नाम चर्चा में हैं उनमें सुमित्रा महाजन भी शामिल हैं। भाजपा ने अभी अपना आधिकारिक उम्मीदवार तय नहीं किया है।

भाजपा की तरफ से अरुण जेतली, राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू विपक्ष से चर्चा कर रहे हैं लेकिन इस बीच एक रोचक तथ्य सामने आया है। सूत्रों के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। उन्होंने पूछा है कि क्या स्पीकर रहते हुए नामांकन भरा जा सकता है। शायद उन्हें उम्मीद होगी कि उनके नाम पर सहमति बन सकती है। संजीव रैड्डी 1967-69 तक लोकसभा अध्यक्ष थे। कांग्रेस ने ही उन्हें राष्ट्रपति पद का आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था लेकिन बाद में इंदिरा गांधी से मतभेद होने के कारण कांग्रेस का वोट वी.वी. गिरि को चला गया था।

इसके चलते रैड्डी चुनाव हार गए थे। 1977 में जनता सरकार आने के बाद रैड्डी फिर से लोकसभा अध्यक्ष बने थे लेकिन जनता सरकार ने ही उन्हें राष्ट्रपति चुनाव लड़ाया था और वह बाकी 36 उम्मीदवारों के पर्चे निरस्त होने के कारण राष्ट्रपति निर्वाचित हो गए थे। महाजन आजकल मणिपुर में पूर्वोत्तर क्षेत्रीय गुटनिरपेक्ष संसदीय फोरम की बैठक में भाग लेने गई हैं और शुक्रवार को वह दिल्ली लौटेंगी



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