सीमांत लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए केन्द्र बनाएगा विशेषज्ञों का ग्रुप

Tuesday, September 12, 2017 3:18 PM
सीमांत लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए केन्द्र बनाएगा विशेषज्ञों का ग्रुप

जम्मू: जम्मू कश्मीर के सीमांत ग्रामीणों की समस्याओं को देखकर केन्द्रिय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भावुक हो उठे हैं। उन्होंने एक्सपर्ट ग्रुप बनाने की घोषणा की है जो लोगों की समस्याओं तक पहुंचेगा। सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ने हाल ही के वर्षों में चार सौ से ज्यादा बार सीजफायर तोड़ा है। उन्होंने मंगलवार को जम्मू में कहा कि हाल ही के वर्षों में पाकिस्तान ने चार सौ बार सीजफायर का उल्लंघन किया है। आज नहीं तो कल उसे गोलीबारी बंद करनी होगी। हमने निर्णय लिया है कि बार्डर क्षेत्रों में रह रहे लोगों की समस्याओं के बारे में जानने के लिए एक विशेषज्ञों का ग्रुप बनाया जाए। केन्द्र जम्मू कश्मीर के तीनों खित्तों को समान विकास देने की कोशिश कर रहा है। प्रधानमंत्री विकास परियोजना के तहत कई परियोजनाएं काम कर रही हैं।


सिंह ने पाकिस्तान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उसके सीजफायर तोडऩे से एलओसी के निकट लोगों का रहना कठिन हो गया है साथ ही कहा कि भारतीय जवान भी उसकी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। केन्द्रिय मंत्री ने संघर्ष विराम उल्लंघन में मरने वाले लोगों के लिए राहत राशि बढ़ाकर एक से पांच लाख कर दी है। जम्मू कश्मीर के चार दिवसीय दौरे पर आए राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमाओं पर रहने वाले ग्रामीण भारत की असल संपत्ति हैं। भारत इन लोगों के योगदान को कभी नहीं भूलेगा।

उन्होंने कहा, मैं पिछले चार दिनों से जम्मू कश्मीर में हूं। कल मैं नौशहरा गया था। लोगों से और बीएसएफ के जवानों से मिला। सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोग हमारा खजाना हैं। हम इन लोगों के योगदान को कभी नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने कहा कि कश्मीरी विस्थापितों को सरकार तीन हजार नौकरियां देगा और राज्य को इसके लिए 1.080 करोड़ जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि पीओजेके के विस्थापितों के पूनर्वास के लिए भी सरकार को दो हजार करोड़ दिये गये हैं। विस्थापितों के प्रति उन्होंने संवेदना जताते हुए कहा कि जो लोग अवैध रूप से रह रहे हैं, सरकार उनके खिलाफ है।

 



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