प्रेम को जितना मन में रखना जरूरी, उतना ही उसे व्यक्त करना भी है जरूरी

Thursday, February 8, 2018 5:37 PM
प्रेम को जितना मन में रखना जरूरी, उतना ही उसे व्यक्त करना भी है जरूरी

जब आप अपने साथी के लिए बहुत कड़े नियम बनाते हैं तो उसका दम घुटने लगता है। आपको उसे पर्याप्त आजादी देना चाहिए, ताकि वह अपने मन का कर सके। रिश्ते की मजबूती के लिए यह जरूरी है। रिश्ता तब बहुत ही खूबसूरत रहता है जब आप सहज रहते हैं और अपने जीवनसाथी को भी सहज रहने में मदद करते हैं। सहज अवस्था किसी भी रिश्ते का आधार है। कोई भी रिश्ता किसी पर भी निर्भर या पूरी तरह मुक्त नहीं होना चाहिए बल्कि उसमें एक-दूसरे का साथ होना चाहिए। जब आप किसी पर ज्यादा निर्भर हो जाते हैं तो वह व्यक्ति बोझ तले दब जाता है। तब एक व्यक्ति दूसरे की ऊर्जा सोखने लगता है। कोई भी ऐसा व्यक्ति किसी रिश्ते को मन से नहीं निभाता है। रिश्ता ऐसा होना चाहिए कि आप एक-दूसरे के साथ चीजों को सांझा कर सकें। किसी भी रिश्ते में समझबूझ का भी अहम रोल है। अगर आप अपने रिश्ते में तर्क से चलने लगते हैं तो आपके बीच झगड़े होंगे और तब आप नियम बनाएंगे जिनका पालन करना दूसरे व्यक्ति के लिए मुश्किल हो जाएगा। चीजों को बहुत ही सामान्य ढंग की बातचीत के साथ आगे बढ़ाइए। अगर आप दोनों किसी रिश्ते में बंधे हैं तो आपको एक-दूसरे के साथ ज्यादा समय बिताने के बजाय अच्छा समय बिताने के बारे में सोचना चाहिए। दोनों में बहुत अंतर है। जब आप एक साथ बैठकर डिनर करते हैं और अपनी खुशी तथा मुश्किलों को साझा करते हैं तो रिश्ता मजबूत होता है। पूरा दिन साथ बिताने के बजाय यह बातचीत ज्यादा असर करती है। इसी तरह किसी भी रिश्ते में एक-दूसरे की तारीफ करना भी जरूरी है ताकि आपका साथी यह माने कि आपकी नजर में उसकी कुछ कीमत है। जब आप उसकी छोटी-छोटी कामयाबी के लिए उसकी तारीफ करेंगे तो वह निश्चित ही उत्साहित महसूस करेगा। आपको उसके प्रति प्रेम दर्शाने की जरूरत है जो फूलों और छोटे-मोटे उपहारों के जरिए भी जताया जा सकता है। प्रेम को जितना मन में रखना जरूरी है उतना ही उसे व्यक्त करना भी जरूरी है।



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