चाणक्य नीति:व्यावहारिक जीवन से जुड़ी इन बातों को कभी न भूलें

Tuesday, January 24, 2017 10:02 AM
चाणक्य नीति:व्यावहारिक जीवन से जुड़ी इन बातों को कभी न भूलें

आचार्य चाणक्य भारतीय इतिहास के महान नामों में से एक है। आज भी पूरा विश्व उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करता है। आचार्य चाणक्य एक महान दार्शनिक, पुजारी और मौर्य साम्राज्य के राजनितिक मार्गदर्शक थे। उन्होंने मौर्य साम्राज्य की नीवं रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके द्वारा बताई नीतियों पर अमल करने से जीवन खुशहाल बनता है। चाणक्य ने यहां व्यवहारिक जीवन से संबंधित बातों के बारे में बताया है। व्यक्ति को जिन्हें भूलना नहीं चाहिए। 
 

1.चाणक्य के अनुसार सुनने से धर्म का ज्ञान होता है अौर क्रोध दूर होता है। इसके साथ ही माया के बंधन से भी मुक्ति मिल जाती है। 

 

2.धनवान व्यक्ति के कई मित्र अौर सगे-संबंधी होते हैं। चाणक्य के अनुसार धनवान को ही आदमी कहा जाता है। धनी व्यक्ति को ही पंड़ित कहकर सम्मान दिया जाता है।

 

3.एक लालची व्यक्ति को वस्तु उपहारस्वरूप देकर, कठोर आदमी को हाथ जोड़कर, मूर्ख को सम्मान देकर अौर विद्वान को सच बोलकर संतुष्ट किया जा सकता है। 

 

4.किसी बेकार राज्य का राजा होने से अच्छा किसी राज्य का राजा न हो। इसी प्रकार पापी मित्र होने से उत्तम बिना मित्र रहना ठीक है। मूर्ख का गुरु होने से बेहतर बिना शिष्य वाला है। बुरी पत्नी से अच्छा बिना पत्नी के रहना ठीक है। 

 

5.व्यक्ति को शेर से सीख लेनी चाहिए कि किसी भी कार्य को जिंदादिली अौर जबरदस्त कोशिश के साथ करें। 

 

6.चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को अपनी इंद्रियां बगुले की भांति वश में रखनी चाहिए। उसे अपने लक्ष्य को स्थान, समय अौर योग्यता का ध्यान रखते हुए पूर्ण करना चाहिए। 

 

7.मुर्गे से भी चार बातें सीखी जा सकती हैं, जैसे सही समय पर उठना चाहिए, निडर बने, संपति का रिश्तेदारों में उचित बंटवारा करें अौर अपनी मेंहनत से रोजगार प्राप्त करें। 

 

8.गधे से भी तीन बातें सीख सकते हैं। जैसे अपना बोझा ढोना न छोड़ें, सर्दी-गर्मी की चिंता न करें अौर सदैव संतुष्ट रहें।
 




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