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सभी एप को देश के डेटा प्रमाणिकता, निजता नियमों का पालन करना चाहिए : नीति आयोग

2020-06-30T21:44:14.197

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने मंगलवार को कहा कि भारत में सेवाएं देने वाली सभी मोबाइल एप को देश के डेटा सुरक्षा, प्रमाणिकता और निजता नियमों का पालन करना चाहिए। उनका यह बयान सरकार के चीन की 59 एप पर प्रतिबंध लगाने के एक दिन बाद आया है।

देश को डेटा के मामले में संप्रभु होने की बात से सहमति जताते हुए कांत ने कहा कि एप को उनके मूल देश और डेटा की अंतिम पहुंच को लेकर पारदर्शी रवैया अपनाना चाहिए।

सरकार ने 59 चीनी एप पर प्रतिबंध उनके देश की सुरक्षा, अखंडता और सुरक्षा के लिए हानिकारक होने के आधार पर लगाया है।

कांत ने कहा, ‘‘देश में काम करने वाली सभी एप को भारत के डेटा प्रमाणिकता, निजता, संप्रभुता और पारदर्शिता नियमों का पालन करना चाहिए।’’
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ उन्हें (एप को) डाटा के उद्गम और उसके अंतिम पड़ाव के बारे में पारदर्शी होना चाहिए। भारत को डेटा के मामले में संप्रभु देश होना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है। जिन एप के खिलाफ कार्रवाई की गयी है, वे जीवनशैली से जुड़े एप हैं।’’
कई ट्वीट की श्रृंखला में उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए यह सबसे सही समय है कि वे देश-दुनिया के लिए प्रौद्योगिकी समाधान विकसित करें।

उन्होंने ‘आरोग्य सेतु’ एप का उदाहरण देते हुए कहा कि यह देश के लिए देश में बना प्रौद्योगिकी नवोन्मेष का अनूठा उदाहरण है। इसका उपयोग लाखों भारतीय कर रहे हैं।

आरोग्य सेतु एप को कोरोना-19 महामारी के दौरान लोगों के संपर्कों पर निगरानी के लिए विकसित किया गया है।

लद्दाख में गलवान घाटी में भारत और चीन में तनाव के बीच सरकार ने सोमवार को 59 चीनी एप पर प्रतिबंध लगा दिया। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस मामलें में कार्रवाई करते हुए कहा के इन एप के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं कि ये भारत के डाटा को गुपचुप तरीके से विदेश के सर्वर में पहुंचाते थे। सरकार ने इन एप की इस तरह की गतिविधियों को देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ माना है।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Edited By

PTI News Agency

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