लेफ्ट और डीएमके नेताओं चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यक्रम में की शिरकत, भड़की बीजेपी

07/29/2021 5:46:10 PM

नेशनल डेस्कः चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के 100 साल पूरे होने पर जश्न मनाया जा रहा है। लंबे वक्त से भारत और चीन के रिश्तों में तनातनी जारी है। इस बीचभारत में चीनी दूतावास के एक वर्चुअल कार्यक्रम में देश के लेफ्ट नेताओं के शिरकत करने पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी सांसद दिलीप घोष ने लेफ्ट दलों की देश के प्रति निष्ठा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय परंपराओं और संस्कृति को खारिज करना कम्युनिस्ट पार्टियों की फितरत है। यहां तक कि चीन के साथ जंग में भी कम्युनिस्ट पार्टियां भारत के बजाय उसके साथ खड़ी थीं।

क्या है पूरा मामला
दरअसल, भारत में चीन के दूतावास ने सीपीसी के 100 साल पूरे होने के मौके पर एक वर्चुअल कार्यक्रम किया था। इसमें सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई के महासचिव डी राजा, फॉरवर्ड ब्लॉक के जी देवराजन और डीएमके सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार ने हिस्सा लिया। गुरुवार को चीनी दूतावास ने यह जानकारी दी।

कार्यक्रम में चीनी राजदूत सुन वीडोंग ने कहा कि सीपीसी के शताब्दी समारोह के लिए 170 देशों के 600 से ज्यादा पार्टियों की तरफ से बधाई के संदेश मिले हैं। चीनी राजनयिक ने गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बारे में कहा कि चीन कई मौकों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के रिश्ते न सिर्फ क्षेत्र बल्कि दुनिया की शांति और समृद्धि के लिए अहम हैं।

डी राजा बोले- हां, हम बैठक में गए थे
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के महासचिव डी राजा ने सीपीसी के कार्यक्रम में खुद के शिरकत करने की पुष्टि की है। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, 'कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के 100 साल होने पर कार्यक्रम था। दो दिन पहले वर्चुअल मीटिंग थी जिसमें मैं और सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने हिस्सा लिया। इसमें भारत में चीन के राजदूत सुन वीडोंग, काउंसलर डु जियालिन ने हिस्सा लिया और हमने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।'

बीजेपी का तीखा हमला- यह देश के साथ विश्वासघात
लेफ्ट नेताओं के चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के एक सांसद ने हमारे सहयोगी टाइम्स नाउ से बातचीत में कहा कि यह देश के साथ विश्वासघात है। सांसद ने कहा, 'बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी के साथ भारत की कम्यूनिस्ट पार्टियां वेबिनार के जरिए जुड़ी हैं। पहले वह यह तय करें कि वह देश के साथ हैं कि चीन के साथ? यह देश के साथ विश्वासघात है।'


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Content Writer

Yaspal

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