नगर निगम व्यवस्था सुधारने में समर्थ नहीं तो शिक्षा निदेशालय करेगा स्कूलों को अधिग्रहित- सिसोदिया

2020-08-11T13:33:06.663

नई दिल्ली/ डेस्क। दिल्ली नगर निगम द्वारा स्कूलों के बच्चों को किताबें मुहैया नहीं कराई गई है। इस शिकायत के आधार पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शहरी विकास सचिव व शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन को पत्र लिखकर कहा है कि अगर नगर निगम अपने स्कूलों की व्यवस्था सुधारने में समर्थ नहीं है तो दिल्ली सरकार का शिक्षा निदेशालय इन नगर निगमों के स्कूलों का अधिग्रहण करेगा। सिसोदिया ने कहा है कि बीजेपी पहले ये स्वीकार करे कि वो नगर निगमों के स्कूलों के प्रबंधन का काम संभाल नहीं पा रही है। 
 

सिसोदिया ने कहा कि नगर निगम दिल्ली सरकार द्वारा शिक्षा मद में दिए गए फंड को किसी अन्य कार्य में स्थानांतरित करता है, तो निगम स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। इसीलिए निगम को फंड देने के बजाय दिल्ली सरकार का शिक्षा निदेशालय नगर निगम के स्कूलों का अधिग्रहण करे। शहरी विकास विभाग इस संबंध में एक्शन टेकन रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करे।


राजधानी में तीन नगर निगम हैं। इन तीनों निगमों के लिए दिल्ली सरकार का शहरी विकास विभाग की मुख्य प्रशासनिक विभाग माना जाता है। शहरी विकास विभाग द्वारा ही निगमों को फंड भेजा जाता है। इस कारण रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सिसोदिया ने शहरी विकास विभाग को सौंप दी है।


सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने निगमों को शिक्षा मद में 853 करोड रुपए दिए हैं, जिसमें से 393 करोड उत्तरी दिल्ली नगर निगम को दिए गए हैं। इस फंड से निगम के शिक्षकों का वेतन दिया जाना है व स्कूली बच्चों के लिए किताबों की व्यवस्था करनी है। अभी शिकायत मिली है कि ना शिक्षकों को वेतन भुगतान किया गया है और ना ही स्कूली बच्चों को किताबें मिली हैं। इस कारण शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव को सुनिश्चित करना होगा कि दिल्ली सरकार के दिए फंड का इन्हीं मद में इस्तेमाल सुनिश्चित कराएं। जो स्कूलों के नगर निगमों के पास रहते हुए संभव नहीं दिख रहा है।
 

यहां बता दें कि कुछ दिन पहले ही आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक ने प्रेस वार्ता कर मुद्दा उठाया था कि उत्तरी नगर निगम के स्कूलों में पढ़ने वाले 3 लाख बच्चों को इस बार दिसंबर तक किताबें मिल पाएंगी। 

 


Edited By

Murari Sharan

Related News