No Toll Tax: YEIDA का बड़ा फैसला: यमुना सिटी के इंडस्ट्रियल एरिया में अब नहीं लगेगा टोल
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 09:36 AM (IST)
Industrial areas of Yamuna City: यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टरों में अब एंट्री लेना आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने उन सभी बैरियर्स को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है जो उद्यमियों और स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बने हुए थे। यह मामला सिर्फ टोल हटाने का नहीं है, बल्कि प्राधिकरण के उस सख्त तेवर का है जिसमें साफ़ कहा गया है कि अगर एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने खुद टोल गेट नहीं हटाए, तो वहां सरकारी बुलडोजर गरजेंगे।
क्या था पूरा विवाद?
दरअसल, सेक्टर-28 और 29 के पास एक्सप्रेसवे से औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए खास रैंप बनाए गए थे। नियम के मुताबिक, यहां से आने-जाने वालों को टोल से छूट मिलनी थी। कुछ समय तक तो सब ठीक रहा, लेकिन पिछले पांच महीनों से एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने यहां गुपचुप तरीके से दोबारा वसूली शुरू कर दी। आलम यह था कि उद्यमियों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को हर चक्कर के लिए लगभग 80 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे थे।
बिना सर्विस रोड के एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करना लोगों की मजबूरी है, और इसी मजबूरी का फायदा उठाकर की जा रही इस वसूली ने औद्योगिक जगत में भारी नाराजगी पैदा कर दी थी। जब यह शिकायत YEIDA के पास पहुंची, तो प्राधिकरण ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से Toll Plaza खत्म करने के निर्देश दे दिए।
विकास की रफ्तार को मिलेगी मजबूती
यमुना सिटी इस वक्त निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रही है। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने की आहट के बीच यहां औद्योगिक गतिविधियां अपने चरम पर हैं। Sector-28 से लेकर 33 तक हजारों भूखंडों का आवंटन हो चुका है और सैकड़ों कंपनियों में निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इस साल के अंत तक करीब 180 नई कंपनियों में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
ऐसे में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए YEIDA का यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा। Toll खत्म होने से न केवल logistics की लागत कम होगी, बल्कि उन हजारों कर्मचारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी जो रोजाना इन सेक्टरों में काम करने आते हैं। प्राधिकरण का मानना है कि यदि ग्लोबल लेवल का इंडस्ट्रियल हब बनाना है, तो कनेक्टिविटी को बाधा मुक्त रखना ही होगा।
