बिजली उपभोक्ताओं के विरोध के बाद सरकार का बड़ा फैसला, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर लगाई रोक!, दिया ये आदेश
punjabkesari.in Sunday, Apr 19, 2026 - 01:26 PM (IST)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को उपभोक्ताओं के बढ़ते विरोध के बाद सरकार ने बढ़ा कदम उठाया है। (Uttar Pradesh Power Corporation Limited (UPPCL) ने फिलहाल पुराने मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह निर्णय तब तक प्रभावी रहेगा जब तक सरकार द्वारा गठित तकनीकी समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर देती। पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन Dr. Ashish Goyal ने सभी डिस्कॉम कंपनियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि अगली सूचना तक मीटर बदलने का कार्य पूरी तरह बंद रखा जाए।
विरोध के बीच बड़ा फैसला
पिछले कुछ समय से प्रदेश के कई जिलों में उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर को लेकर नाराजगी जताई थी। लोगों का आरोप था कि उनकी सहमति के बिना पुराने मीटर हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए।
जांच के लिए बनी कमेटी
इन शिकायतों को देखते हुए राज्य सरकार ने 12 अप्रैल को एक तकनीकी समिति का गठन किया। इस समिति को स्मार्ट मीटर से जुड़ी तकनीकी समस्याओं और उपभोक्ता शिकायतों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगे की रणनीति अब इसी रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
कितने लगे स्मार्ट मीटर?
प्रदेश में अब तक करीब 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 70.50 लाख प्रीपेड मीटर हैं। इनमें करीब 70.50 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर हैं. हालांकि, मौजूदा फैसले के तहत पुराने मीटरों को बदलने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है।
नए कनेक्शन पर क्या असर?
हालांकि मीटर बदलने की प्रक्रिया रोक दी गई है, लेकिन नए बिजली कनेक्शन अभी भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए ही दिए जाएंगे। विभाग ने साफ किया है कि किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन रोका नहीं जाएगा।
