देश की छवि खराब कर रहे ये भारतीय पर्यटकः दुनिया के सबसे "नापसंद टूरिस्ट्स" का क्यों लगा टैग, जानें पूरी सच्चाई(Video)
punjabkesari.in Saturday, Jun 06, 2026 - 05:37 PM (IST)
International Desk: सिंगापुर एयरपोर्ट पर गरबा, बाली मंदिर में रील और विदेशी होटलों में अनुशासन से जुड़े विवादों के बाद भारतीय पर्यटकों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। आलोचक इसे खराब पर्यटन व्यवहार बताते हैं, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ घटनाओं के आधार पर करोड़ों भारतीय यात्रियों को आंकना उचित नहीं है। हाल के वर्षों में विदेशों से जुड़े कुछ वायरल वीडियो और घटनाओं ने भारतीय पर्यटकों को लेकर एक नई बहस को जन्म दिया है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि भारतीय पर्यटक नियमों का पालन नहीं करते, जबकि दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोगों ने इसे अतिरंजना और स्टीरियोटाइपिंग बताया।
इन घटनाओं ने दिया विवाद को जन्म
सिंगापुर एयरपोर्ट का गरबा वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ भारतीय यात्री Singapore Changi Airport के प्रीमियम लाउंज में गरबा और डांडिया करते दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन बताया, जबकि आलोचकों ने कहा कि एयरपोर्ट लाउंज जैसे शांत स्थानों में ऐसा व्यवहार अनुचित माना जाता है।
A Group of Indian tourists is seen performing Garba on tarmac in Vietnam.
— Neetu Khandelwal (@T_Investor_) May 29, 2026
Dancing on an airport tarmac is irresponsible and embarrassing.
Incidents like these damage India’s image abroad. We should respect rules and ethos in public places. pic.twitter.com/7fIxm4fu8B
बाली मंदिर में रील विवाद
Bali के एक धार्मिक स्थल पर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने को लेकर भी विवाद हुआ। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ पर्यटकों ने मंदिर परिसर की पवित्रता का सम्मान नहीं किया।
होटलों में अनुशासन को लेकर शिकायतें
जापान, स्विट्जरलैंड और अन्य देशों में समय-समय पर कुछ होटल संचालकों द्वारा भारतीय पर्यटकों के व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आईं। हालांकि इनमें से कई मामलों में सोशल मीडिया बहस वास्तविक घटनाओं से कहीं अधिक बढ़ गई। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
A Swiss hotel once displayed a list of special rules exclusively for Indian guests which I personally saw and was appalled.
— Harsh Goenka (@hvgoenka) May 31, 2026
Today, videos of garba in restaurants, loud conversations in airports, and turning aircraft cabins into picnic spots keep doing the rounds. Even in Davos,… pic.twitter.com/ccljdLmDfk
सांस्कृतिक अंतर
- भारत में त्योहार सार्वजनिक रूप से मनाए जाते हैं।
- परिवार और समूह संस्कृति मजबूत है।
- सामाजिक मेलजोल अधिक खुला होता है।
- जबकि जापान में शांति और अनुशासन को विशेष महत्व दिया जाता है।
- सिंगापुर में सार्वजनिक व्यवहार को लेकर कड़े सामाजिक मानदंड हैं।
- यूरोप के कई हिस्सों में व्यक्तिगत स्पेस को प्राथमिकता दी जाती है।
- ऐसे में कभी-कभी व्यवहार का अंतर गलतफहमियां पैदा कर देता है।
पहली बार विदेश यात्रा करने वाले पर्यटक
भारत से विदेश यात्रा करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो पहली बार विदेश जाते हैं और स्थानीय नियमों, सांस्कृतिक अपेक्षाओं या सामाजिक व्यवहार के मानकों से पूरी तरह परिचित नहीं होते।
सोशल मीडिया का प्रभाव
- आज एक छोटा वीडियो लाखों लोगों तक पहुंच सकता है।
- पूरे देश की छवि पर असर डाल सकता है।
- किसी एक घटना को सामान्य प्रवृत्ति के रूप में पेश कर सकता है।
- क्या सिर्फ भारतीयों को ही निशाना बनाया जाता है?
- कई विशेषज्ञों का मानना है कि कहानी का दूसरा पक्ष भी है।
पर्यटकों की आलोचना नई बात नहीं
दुनिया के लगभग हर बड़े पर्यटन बाजार के बारे में कभी न कभी नकारात्मक रूढ़ियां बनी हैं । ब्रिटिश पर्यटकों को लेकर यूरोप में शिकायतें रही हैं। चीनी पर्यटकों को लेकर 2000 और 2010 के दशक में बहसें हुईं। अमेरिकी पर्यटकों पर भी कई देशों में सांस्कृतिक असंवेदनशीलता के आरोप लगते रहे हैं। इसलिए कुछ घटनाओं के आधार पर पूरे राष्ट्रीय समुदाय को परिभाषित करना उचित नहीं माना जाता।
भारतीय पर्यटकों का सकारात्मक पक्ष
- भारत आज दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते आउटबाउंड ट्रैवल बाजारों में से एक है।
- भारतीय पर्यटक अरबों डॉलर का खर्च करते हैं।
- स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचाते हैं।
- पर्यटन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण ग्राहक हैं।
- दुनिया भर में व्यवसाय, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाते हैं।
- करोड़ों भारतीय हर साल विदेश यात्रा करते हैं और अधिकांश यात्राएं बिना किसी विवाद के पूरी होती हैं।
सुधार की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ सरल बातों जौसे स्थानीय संस्कृति और धार्मिक स्थलों का सम्मान। सार्वजनिक स्थानों के नियमों का पालन। होटल और पर्यटन स्थलों की संपत्ति का संरक्षण। विदेश यात्रा से पहले स्थानीय कानूनों की जानकारी। सोशल मीडिया कंटेंट बनाते समय संवेदनशीलता आदि का पालन करके स्थिति और बेहतर हो सकती है। सच तो यह भी है कि भारतीय पर्यटकों को लेकर चल रही बहस पूरी तरह सही नहीं है। कुछ घटनाएं वास्तव में आलोचना योग्य हैं, लेकिन कुछ वायरल वीडियो के आधार पर करोड़ों भारतीय यात्रियों को "दुनिया के सबसे बदसूरत पर्यटक" कहना भी एक अतिशयोक्ति और अनुचित सामान्यीकरण होगा। वास्तविकता यह है कि विदेशों में अधिकांश भारतीय पर्यटक जिम्मेदार और सम्मानजनक व्यवहार करते हैं, जबकि कुछ घटनाएं सोशल मीडिया पर अत्यधिक चर्चा का विषय बन जाती हैं।
