भारत पर कब से लागू होगा 18% टैरिफ? व्हाइट हाउस ने तय की तारीख
punjabkesari.in Saturday, Feb 07, 2026 - 01:59 PM (IST)
नेशनल डेस्क : भारत के लिए बड़ी खुशखबरी है। अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर पहले लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ (आयात शुल्क) को हटा दिया है। इसके बाद भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर अब सिर्फ सामान्य आयात शुल्क लगेगा, जो लगभग 18 प्रतिशत है।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह नई व्यवस्था 7 फरवरी 2026 से लागू होगी। भारतीय समयानुसार यह आदेश आज सुबह 10:30 बजे से प्रभावी हो गया है। इसका मतलब है कि इस समय के बाद अमेरिका में पहुंचने वाली या वेयरहाउस से निकाली जाने वाली सभी भारतीय खेपों पर अब 25% अतिरिक्त टैक्स नहीं लगेगा।
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पहले से पहुंच चुकी खेपों पर भी राहत
विशेष रूप से, अगर कोई खेप पहले ही अमेरिका पहुंच चुकी है या रास्ते में है, या वेयरहाउस में रखी गई है और उस पर 25% अतिरिक्त टैक्स लगाया गया था, तो अब उन पर भी राहत मिलेगी। अमेरिकी कस्टम्स ने अगर पहले ही अतिरिक्त टैक्स वसूला है तो उसे वापस किया जाएगा। यह रिफंड यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) की सामान्य प्रक्रिया के तहत होगा। आम तौर पर अमेरिकी आयातक या उनके एजेंट इसके लिए आवेदन करेंगे।
सरल शब्दों में समझें
- 7 फरवरी 2026 सुबह 10:30 बजे के बाद जो भी भारतीय सामान अमेरिका में आएगा या बिक्री के लिए निकलेगा, उस पर सिर्फ 18% सामान्य आयात शुल्क लगेगा।
- 25% अतिरिक्त पेनल्टी टैक्स अब नहीं लगेगा।
- पुराने कस्टम्स टैक्स पर भी रिफंड दिया जाएगा, लेकिन इसके लिए आवेदन करना होगा।
पीएम मोदी ने किया स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कदम का स्वागत किया और इसे भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों में बड़ा सुधार बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच भरोसा और साझेदारी को बढ़ाएगा।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इससे 'मेक इन इंडिया' को मजबूती मिलेगी और भारतीय किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप, मछुआरों, महिलाओं और युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। इसके अलावा, इससे मजबूत सप्लाई चेन तैयार होगी और वैश्विक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारत-अमेरिका व्यापार को फायदा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार संबंध मजबूत होंगे। भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में राहत मिलेगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। खासकर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है।
