WhatsApp ने भारत में शुरू की SIM-binding टेस्टिंग, यूजर्स को मिलेगा सिम कार्ड सुरक्षा फीचर

punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 03:56 PM (IST)

नेशनल डेस्क: मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने भारत में अपने नए फीचर SIM-binding की टेस्टिंग शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ यूजर्स को अब ऐप में नोटिफिकेशन मिलने लगे हैं, जिसमें लिखा होता है कि स्थानीय नियमों के अनुसार, WhatsApp को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐप उसी डिवाइस पर चलाया जा रहा है, जिसमें रजिस्टर्ड सिम कार्ड मौजूद है। फिलहाल यह फीचर केवल टेस्टिंग फेज में है और आम यूजर्स के लिए पूरी तरह से रोल आउट नहीं किया गया है।

SIM-binding क्या है?
सिम-बाइंडिंग का मतलब है कि मैसेजिंग ऐप्स को केवल उसी डिवाइस पर इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसमें वही सिम कार्ड है, जिस पर अकाउंट रजिस्टर्ड है। अगर उस डिवाइस से सिम निकाल दी जाती है, उसे बदल दिया जाता है या दूसरी सिम डाल दी जाती है, तो ऐप अपने आप यूजर को लॉग आउट कर देगा। WhatsApp अब हर कुछ घंटे बाद यह चेक करेगी कि अकाउंट रजिस्टर्ड सिम वाले डिवाइस पर ही चलाया जा रहा है या नहीं। यह फीचर अनऑथोराइज्ड एक्सेस को रोकने में मदद करेगा।


यूजर्स पर इसका असर
इस समय, WhatsApp यूजर्स पर इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा और वे ऐप का इस्तेमाल वैसे ही कर पाएंगे। फिलहाल यह फीचर केवल टेस्टिंग में है और जब इसे रोल आउट किया जाएगा, तो यूजर्स केवल उसी डिवाइस पर WhatsApp इस्तेमाल कर पाएंगे, जिसमें रजिस्टर्ड सिम है। इससे उन यूजर्स को थोड़ी दिक्कत हो सकती है जो सेकेंडरी डिवाइस पर WhatsApp इस्तेमाल करते हैं या अक्सर सिम बदलते रहते हैं।


सरकार ने बढ़ाई डेडलाइन
भारत सरकार ने पिछले साल नवंबर में आदेश जारी किया था कि सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को सिम-बाइंडिंग नियमों का पालन करना होगा। शुरुआत में इसे लागू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया था। इसके बाद कंपनियों ने टेक्नीकल कारणों से समय बढ़ाने की मांग की। सरकार ने इस डेडलाइन को बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2026 कर दिया है। अब कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर और सेवाओं में जरूरी बदलाव करने के लिए पर्याप्त समय मिल गया है।


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Content Editor

Mansa Devi

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