भारतीय रेलवे के लोको पायलट की सैलरी कितनी होती है? जानिए इस नौकरी में क्या-क्या सुविधाएं मिलती है
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 06:19 PM (IST)
नेशनल डेस्क : हर दिन लाखों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लोको पायलट पर होती है। आम भाषा में इन्हें ट्रेन ड्राइवर भी कहा जाता है। लेकिन सिर्फ ट्रेन चलाना ही उनकी जिम्मेदारी नहीं होती। उन्हें सिग्नल, ट्रैक की स्थिति, सुरक्षा नियम और यात्रियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना पड़ता है। यह काम अत्यधिक सतर्कता और अनुभव मांगता है।
लोको पायलट की सैलरी
रेलवे में लोको पायलट की शुरुआत असिस्टेंट लोको पायलट के पद से होती है। सातवें वेतन आयोग के अनुसार, शुरुआती बेसिक सैलरी लगभग ₹19,900 प्रतिमाह होती है। अनुभव और प्रमोशन के बाद जब कर्मचारी सीनियर लोको पायलट बनते हैं, तो उनकी बेसिक सैलरी ₹35,000 से ₹60,000 या उससे ज्यादा हो जाती है। बेसिक वेतन के अलावा कई प्रकार के भत्ते जुड़ते हैं, जिससे कुल इन-हैंड सैलरी लगभग ₹40,000 से ₹80,000 प्रतिमाह के बीच हो जाती है।
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लोको पायलट को मिलने वाले भत्ते
लोको पायलट की सैलरी में कई तरह के भत्ते शामिल होते हैं, जैसे:
- महंगाई भत्ता (DA)
- हाउस रेंट अलाउंस (HRA)
- ट्रांसपोर्ट अलाउंस
- नाइट ड्यूटी अलाउंस
- ओवरटाइम का भुगतान
- रनिंग अलाउंस (ट्रेन चलाने के किलोमीटर के आधार पर)
खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में काम करने वाले लोको पायलट को रनिंग अलाउंस के कारण अधिक वेतन मिलता है।
सुविधाएं
सैलरी के अलावा रेलवे कर्मचारियों को कई सुविधाएं भी मिलती हैं:
- मुफ्त या रियायती रेल यात्रा
- सरकारी आवास
- रेलवे अस्पताल में चिकित्सा सुविधा
- पेंशन और ग्रेच्युटी
- बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष लाभ
इन सुविधाओं के कारण यह नौकरी सुरक्षित और स्थायी मानी जाती है।
ड्यूटी और काम का तरीका
लोको पायलट की ड्यूटी शिफ्ट आधारित होती है, जो दिन या रात में हो सकती है। कई बार उन्हें लगातार कई घंटों तक ट्रेन चलानी पड़ती है। लंबी दूरी की ट्रेनों में जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए उन्हें हमेशा सतर्क रहना पड़ता है। इसलिए इस पद के लिए कड़ी ट्रेनिंग और मेडिकल फिटनेस अनिवार्य है। उनकी आंखों की रोशनी, सुनने की क्षमता और मानसिक संतुलन की नियमित जांच की जाती है।
