दिन के इस समय सबसे ज्यादा आता है Heart Attack, शोध में हुआ बड़ा खुलासा
punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 01:08 PM (IST)
Heart Attack Risk: अक्सर कहा जाता है कि सुबह की शुरुआत ताजगी भरी होनी चाहिए, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के आंकड़े एक डराने वाली हकीकत बयां करते हैं। हालिया शोध के अनुसार, दिन के चौबीस घंटों में 'सुबह का वक्त' हृदय के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण होता है। नेशनल हार्ट, लंग और ब्लड इंस्टीट्यूट (NHLBI) के एक अध्ययन ने पुष्टि की है कि अधिकांश हार्ट अटैक सुबह के समय ही आते हैं।
क्यों बढ़ जाता है सुबह हार्ट अटैक का खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे हमारे शरीर की सर्कैडियन रिदम (आंतरिक घड़ी) और रक्त कोशिकाओं का व्यवहार जिम्मेदार है।
सक्रिय प्लेटलेट्स: सुबह उठने के बाद शुरुआती घंटों में रक्त का थक्का जमाने वाली कोशिकाएं (platelets) अधिक 'चिपचिपी' हो जाती हैं। इससे रक्त गाढ़ा होने लगता है।
ब्लड प्रेशर में उछाल: नींद से जागते समय शरीर में कोर्टिसोल जैसे हार्मोन्स का स्तर बढ़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट में अचानक वृद्धि होती है।
प्लाक और ब्लॉकेज: यदि धमनियों में पहले से ही फैटी प्लाक जमा है, तो गाढ़ा खून और बढ़ा हुआ बीपी मिलकर रक्त प्रवाह को पूरी तरह रोक सकते हैं, जो सीधे तौर पर हार्ट अटैक का कारण बनता है।
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हाई रिस्क ग्रुप: किसे है ज्यादा खतरा?
यह 'ट्रिगर' उन लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है जो पहले से ही हाई बीपी या डायबिटीज के मरीज हैं। कड़ाके की ठंड इस जोखिम को और बढ़ा देती है, क्योंकि सर्दी में नसें सिकुड़ जाती हैं और हृदय पर काम का बोझ बढ़ जाता है।
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बचाव के उपाय
डॉक्टरों ने सुबह के समय हृदय को सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
झटके से न उठें: नींद खुलने के तुरंत बाद बिस्तर से न कूदें। कम से कम 2 से 5 मिनट तक बिस्तर पर लेटे रहें और शरीर को हल्के से स्ट्रेच करें ताकि रक्त संचार सामान्य हो सके।
भारी व्यायाम से बचें: सुबह-सुबह बहुत तेज दौड़ना या भारी कार्डियो वर्कआउट करने के बजाय हल्की वॉक या योगाभ्यास को प्राथमिकता दें।
दवाओं का समय: यदि आप बीपी या खून पतला करने की दवा लेते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लें कि क्या दवा लेने के समय में बदलाव की जरूरत है ताकि सुबह के समय इसका असर बना रहे।
