सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान: पश्चिम बंगाल को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में SIR प्रक्रिया सुचारू, बंगाल में अभी भी अटकी

punjabkesari.in Tuesday, Mar 24, 2026 - 06:22 PM (IST)

नेशनल डेस्क: देशभर में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया को लेकर Supreme Court of India ने अहम टिप्पणी की है। मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant ने कहा कि पश्चिम बंगाल को छोड़कर बाकी राज्यों में यह प्रक्रिया बिना किसी बड़े विवाद के पूरी हो चुकी है। उन्होंने साफ तौर पर संकेत दिया कि अन्य राज्यों में इसको लेकर न के बराबर कानूनी विवाद सामने आए हैं।

बंगाल केस की सुनवाई 1 अप्रैल तक टली

पश्चिम बंगाल में SIR से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अगली तारीख 1 अप्रैल 2026 तय की है। सुनवाई के दौरान अदालत ने एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों की सरकार होने के बावजूद अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो गई, लेकिन बंगाल में अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

TMC की मांग पर कोर्ट का रुख

सुनवाई के दौरान Menaka Guruswamy ने अदालत से आग्रह किया कि वोटर लिस्ट को फ्रीज करने की समय सीमा बढ़ाई जाए। उनका कहना था कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हट गए हैं, उन्हें आपत्ति दर्ज कराने और सुधार का मौका मिलना चाहिए। इस पर कोर्ट ने कहा कि वह इस अनुरोध पर विचार कर सकता है, लेकिन फिलहाल प्रक्रिया सही दिशा में चल रही है।

CJI का साफ संदेश

मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि बाकी राज्यों में SIR शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। कहीं-कहीं मामूली समस्याएं हो सकती हैं लेकिन बड़े स्तर पर विवाद या मुकदमेबाजी सामने नहीं आई। यानी कोर्ट के मुताबिक समस्या मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल तक सीमित है।

पश्चिम बंगाल में SIR की स्थिति

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 28 फरवरी 2026 को जारी पोस्ट-SIR वोटर लिस्ट में करीब 60 लाख नाम जांच के दायरे में रखे गए। इनमें से लगभग 29 लाख मामलों का निपटारा न्यायिक अधिकारियों द्वारा किया जा चुका है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 शेड्यूल

West Bengal में 294 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • पहला चरण: 23 अप्रैल 2026
  • दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026
  • मतगणना: 4 मई 2026

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से यह साफ है कि देश के अधिकांश राज्यों में SIR प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, जबकि पश्चिम बंगाल में इसे लेकर अब भी सवाल बने हुए हैं। आने वाली सुनवाई इस मामले में अहम भूमिका निभा सकती है।


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Content Writer

SHUKDEV PRASAD

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